गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण
Gurukul Shiksha: Bharat Punarnirman
राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा
स्रोत: Swadeshi Shiksha Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंथा। राजपुत्रों से लेकर सामान्य परिवारों की संतानों के साथ प्रशिक्षण और अनुशासन पालन में कोई भेदभाव नहीं होता था। राजपुत्रों से लेकर सामान्य परिवारों की संतानों के साथ प्रशिक्षण और अनुशासन पालन में कोई भेदभाव नहीं होता था। खेती करना, गाय पालना, अपना भोजन स्वयं तैयार करना, जंगलों से लकड़ियाँ काट कर लाना, कुटिया लीपना या धोती-दुपट्टा पहन कर नंगे पैर घूमना, सूर्य नमस्कार करना, शिक्षा की बुनियादी बातें थीं। इस शिक्षा ने अभिमन्यु, लव-कुश, श्रवणकुमार और चाणक्य पैदा किए। महावीर और गौतमबुद्ध दिए। विवेकानंद और दयानंद सरस्वती बनाए।
आज तो यह हाल है कि जो कम पढ़ लिख लेता है, वह गाँव छोड़ देता है, ज्यादा पढ़-लिख लेता है, वह देश छोड़ देता है।
आज का लाड़ला बच्चा.....
पहले समय पर उठते थे, बड़ों को नमन करते थे। मुख से राम-राम कहते थे, पढ़ते भी थे और खेतों खलियानों और घरों में खट के काम करते थे। समय पर खाते थे, खेलते थे और समय पर आराम करते थे। अब उठते हैं देर से उठते ही शिकवे करते हैं ढेर से।