भारतकोश
गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण

गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण

Gurukul Shiksha: Bharat Punarnirman

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Shiksha Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished78 पृष्ठ

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हे भगवान्! इनको कहीं पीसने न पड़े फिर किसी फ़िरंगी की चक्की। मेरा दर्द कह उठता है। वतन को फिर कहीं गिरवी न राख देना नादानों! शहीदों ने बड़ी मुश्किल से ये कर्ज चुकाए हैं, अपनी जिंदगी के चिराग बुझा कर हमारे घरों के दीप जलाए हैं।

सुराज्य के महाअभियान में शामिल होइए

यह एक प्रमाणित तथ्य है कि कुछ सौ वर्ष पूर्व यह देश संसार का शिरमोर था। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, साहित्य, संगीत, कला, तकनीक, अर्थव्यवस्था, प्रशासन आदि सभी दृष्टिओं से हम अग्रणी थे। इस देश की सम्पूर्ण धरोहर को विदेशी आक्रांताओं द्वारा बार-बार बुरी तरह रौंद दिये जाने की भरसक कोशिशों के बाद भी महारौली का सीना ताने खड़ा बिना जंग लगा लौह स्तंभ, देश के कोने-कोने में बिखरे पड़े वास्तु कला के उत्कृष्ट नमूने, चरक-सुश्रुत में वर्णित आधुनिक चिकित्सा विज्ञान को भी चुनौती देने वाला शल्य-क्रिया विज्ञान, आज भी जहाँ-तहाँ दिख जाने वाला लोककलाओं का अद्भुत संसार, ढाका के मलमल सरीखे वस्त्रों की बानगी- आदि अनगिनत ऐतिहासिक-तथ्य अगर आज भी अपनी गौरवगाथा सुनाते दिख रहे हैं, तो कल्पना कीजिए कि विदेशी आक्रमणों से पूर्व भारत का अतीत कितना वैभवशाली रहा होगा।