भारतकोश
हर्षचरितम् (महाकवि बाणभट्ट - संकेत एवं जगन्नाथ पाठक सान्वय हिन्दी व्याख्या सटीक)

हर्षचरितम् (महाकवि बाणभट्ट - संकेत एवं जगन्नाथ पाठक सान्वय हिन्दी व्याख्या सटीक)

Harshacharitam of Mahakavi Banabhatta with Sanket and Hindi Commentary

महाकवि बाणभट्ट द्वारा

DevanagariHindipublished184 पृष्ठ

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द्वितीय संस्करण प्रथम संस्करण में जो त्रुटियाँ रह गई थीं, उन्हें इसमें जहाँ तक हो सका है, दूर करने का प्रयत्न किया गया है। आशा है, हर्षचरित के मूल अर्थ तक पहुँचने में यह अनुवाद प्रामाणिक रूप में सहायक होगा। इधर बिहार के कुछ विद्वानों में महाकवि बाणभट्ट के जन्म-स्थान को लेकर बहुत दिनों से विवाद चला आ रहा है। कुछ लोग शाहाबाद के किसी स्थान को बाणभट्ट की जन्मभूमि सिद्ध करते हैं, तो कुछ लोग गया जिले के किसी स्थान को। अनुकूल तर्क अपने-अपने अनुसार दोनों पक्षों के लोग उपस्थित करते हैं। अस्तु, बाणभट्ट ने 'हर्षचरित' में अपने ग्राम का नाम 'प्रीतिकूट' निर्दिष्ट किया है, जो शोणभद्र के तट पर था। —जगन्नाथ पाठक