हित चौरासी (गोस्वामी हित हरिवंश - राधासुधानिधि एवं ललितचरण गोस्वामी सविस्तार सटीक)
Hit Chaurasi of Goswami Hit Harivansh with Commentary
गोस्वामी हित हरिवंश द्वारा
पृष्ठ 269, कुल 275 में से
संदर्भ में पढ़ेंहित चौरासी • • २६३ 'हित चौरासी' के सम्पूर्ण पदों का अध्ययन करने पर एक बात पाठकों को यह भी मिलेगी कि सर्वत्र श्रीप्रियाजी ही मानवती हैं। इसके अनेक कारणों में से एक तो ऊपर ही कहा जा चुका। दूसरा यह कि यहाँ प्रेम की शैली अन्य शैलियों से विलक्षण है। यहाँ श्रीराधा प्रेमास्पद और श्रीकृष्ण प्रेमी हैं किन्तु अन्य उपासना मार्गों में श्रीकृष्ण चन्द्र प्रेमास्पद और श्रीराधा प्रेमी हैं। इसीलिये अन्य उपासना मार्गों में श्रीकृष्ण के लिये भी मान का अवसर है जैसा कि 'गीत गोविन्द' एवं जगन्नाथ वल्लभ नाटक में श्रीजयदेव कविराज एवं राय रामानन्द जी ने वर्णन किया है। इसी प्रकार व्रज लीला गायक महाकवि महात्मा सूरदास जी ने श्रीराधा से रूठ कर श्याम सुन्दर के चले जाने और श्रीराधा के दुखी होने विलाप करने का वर्णन कितने ही पदों में किया है। इसके सिवाय व्रज भाषा एवं संस्कृत साहित्य में नायक नायिका भेद का वर्णन करने वाले कवि, महात्मा और सन्तों में से अधिकांश ने नायक मान का वर्णन किया है, जो साहित्य श्रृङ्गार की मर्यादा के शायद अनुकूल है या नहीं, मैं नहीं जानता किन्तु इससे बचकर चलने वाले दो ही आचार्यों के दर्शन मुझे हुए- (१) रसिकाचार्य्य वर्य गोस्वामी श्रीहित हरिवंश चन्द्र (२) रसिकानन्य नृपति स्वामी श्रीहरिदासजी। ये क्यों बचकर चले ? इसलिये कि इनकी उपासना का लक्ष्य नित्य मिलन शृङ्गार है और इस नित्य मिलन में प्रधानता नायिका की है, नायक की नहीं। दूसरे इनकी आराध्या नायिका श्रीराधा स्वाधीन भर्तृका है तथा नायक अपनी प्रियतमा श्रीराधा के अनुकूल एवं पति हैं; जार (उपपति) एवं बहुनायक नहीं। यद्यपि यहाँ नायिका श्रीराधा प्रेमास्पद हैं फिर भी उनका प्रेम अपने प्रेमी नायक श्रीलालजी के प्रति अगाध एवं अपार है। या यों कह दें दोनों दोनों के प्रेमास्पद हैं। श्रीराधा प्रेमास्पदा का प्रेम अपने प्रेमी के प्रति अगाध और अपार है, जो प्रवाहित होने पर किसी प्रकार रोका नहीं जा सकता, अतएव उसका प्रवाहित न होना आवश्यक है इसलिये भी यहाँ नायक मान की आवश्यकता नहीं रह जाती। इसके विपरीत नायक की दशा है कि वह दीन और अधीन है अपनी प्रिया नायिका के। उसका प्रेम बढ़ता रहता है अतः उसे रोकर कर