इच्छानुसार संतान
Ichhanusar Santan
बीरेन्द्र गुप्त (Virendra Gupta) द्वारा
स्रोत: Mumukshu Bhawan Varanasi Collection - इच्छानुसार सन्तान · अश्विनी कुमार, प्रकाशन मन्दिर / वीरेन्द्र नाथ (उद्गम)
पृष्ठ 227, कुल 250 में से
संदर्भ में पढ़ेंवर्ष तक प्रयोग करें। सफेद दाग दूर हो जाते हैं।
६५-गठिया के दर्द पर तेल- ३०० ग्राम सरसों के तेल में एक नग नागफली के पत्ते को काट कर छोटे छोटे टुकड़े करके तेल में डालकर आग पर पकायें, जब पत्ता जल जाये तो नीचे उतार कर ठण्डा करके छान लें फिर उसमें १ ग्राम अफीम डालकर घोट लें तेल तैयार है। इस तेल को धूप में बैठकर दर्द वाली जगहों पर मलें। सावधानी मलने वाला अपने हाथ पानी से एक घण्टे बाद धोकर कपड़े से साफ कर लें। रोगी को तेल मलने के ३ घण्टे बाद ही पानी लगाने दें।
६६-खौसी- बहेड़ा २० ग्राम, कल्या १० ग्राम, लौंग ५ ग्राम, सबको बारीक कूटकर शहद या पानी डालकर चूने बराबर गोलियाँ बनालें। मूँह में डालकर चूसने से खौसी ठीक होती है।
६७-मासिक धर्म की अधिकता पर- खून खराबा ५ ग्राम, नागकेशर १० ग्राम दोनों को बारीक कूटकर १० पुच्छियाँ बना लें तीन दिन तक ताजे जल से प्रातः सायं, व बाद में एक मात्रा प्रातः काल दें।
६८-मधुमेह- तुलसी, जामुन, बेल, नीम, आम की सूखी पत्तियाँ समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें नित्य दिन में २ बार ३-३ ग्राम जल से लें।
६९-कल्याण अवलेह- हल्दी, बचदूधिया, कूट मीठा, पीपल छोटी, साँठ, काला जीरा, अजवायन, मुलेठी, सेंधा नमक। सबको समान मात्रा में लेकर बारीक कूट लें, गाय का घी मिलाकर १-१ माहो की गोलियाँ बना लें। १ से २ गोली तक दूध से सेवन करें। स्मृति और कण्ठ की मधुरता के लिये यह उपयोगी है।
७०-वासना को कम करने के लिये- शीम सेनी काफूर, सुहागे की खोल समान मात्रा में लेकर पान के साथ सेवन करने से वासना में कमी आती है।
इच्छानुसार सन्तान
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वीरेन्द्र गुप्तः
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