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इच्छानुसार संतान

इच्छानुसार संतान

Ichhanusar Santan

बीरेन्द्र गुप्त (Virendra Gupta) द्वारा

स्रोत: Mumukshu Bhawan Varanasi Collection - इच्छानुसार सन्तान · अश्विनी कुमार, प्रकाशन मन्दिर / वीरेन्द्र नाथ (उद्गम)

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७१-पथरी पर- कलमी शोरा, जवाखार, सुहागा खील, तीनों को समान भाग लेकर चूर्ण तैयार कर लें। इसमें से ५ ग्राम प्रातः निहार मुड़ और रात्रि को सोते समय, कुलथी के कवाथ से लें।

कवाथ- कुलथी २० ग्राम, रात्रि को १०० ग्राम पानी में भिगों दें प्रातः काल आग पर रख कर पकायें, जब आधा रह जाये तो हल्के गर्म से उपरोक्त चूर्ण लें, इसी प्रकार प्रातः काल कुलथी को भिगो कर रात्रि को काम में लें। एक सप्ताह में ही पथरी साफ हो जायेगी।

७२-पाचक और वात नाशक- राई, अजवायन दोनों को समान भाग लेकर चूर्ण बना लें। १ ग्राम खाना खाने के बाद जल से लें या दाल सब्जी में मिला कर लें।

७३-जोड़ों में चिकनाई कम हो जाने से जो दर्द हो जाता है उसके लिये- १ ग्राम हीरा हींग को जरा से देसी घी में धून लें। २ ग्राम सूरंजन शीरी, इन दोनों को वारीक पीस लें शुद्ध देसी मोम ५ ग्राम को किसी पात्र में डालकर गर्म करें जब मोम पिघल जाय तो उक्त चूर्ण को डालकर मिला दें, ठण्डा होने पर चॉटली को बराबर गोली बना लें। एक गोली प्रातः एक रात्रि को दूध से लें।

७४-पुष्टी कारक- १० ग्राम साबुत उर्द को ७५० ग्राम गाय के कच्चे दूध में डाल कर मन्द- मन्द आग पर पकायें, जब उर्द गल जायें तो नीचे उतार कर ठण्डा करके रुचि अनुसार मीठा मिलाकर हल्के हल्के सेवन करें। बचे उर्द को भी चबा कर खा लें। सात दिन सेवन करें।

७५-स्वर्ण केशरी अवलेह- २ नाग सोने के वर्क, केशर १ ग्राम, वसन्त कुसुमाकर १ ग्राम, सफेद मुसली १० ग्राम, शिलाजीत १० ग्राम, काँच वीज छिलका उतार कर २० ग्राम, सौठ १० ग्राम, शतावर १० ग्राम, असगन्ध १० ग्राम, अजवायन १०

इच्छानुसार सन्तान

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वीरेन्द्र गुप्तः

CC-0. Mumukshu Bhawan Varanasi Collection. Digitized by eGangotri