ईशादि नौ उपनिषद्

ईशादि नौ उपनिषद्
Ishadi Nau Upanishad
ऋषिगण द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
DevanagariHindipublished548 पृष्ठ
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( ५२७ )
| मन्त्रप्रतीकानि | उ० | अ० | मु० | व० | खं० | प्र० | अनु० | मं० | पृष्ठ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| एष सर्वेश्वरः | माण्डू० | ... | ... | ... | ... | ... | ... | ६ | २९० |
| एष ब्रह्मैष इन्द्रः | ऐत० | ३ | ... | ... | १ | ... | ... | ३ | ३२७ |
| एको वशी निष्क्रियाणाम् | श्वे० | ६ | ... | ... | ... | ... | ... | १२ | ५११ |
| एतज्ज्ञेयं नित्यमेवात्म | ,, | १ | ... | ... | ... | ... | ... | १२ | ४४४ |
| एको देवः सर्वभूतेषु | ,, | ६ | ... | ... | ... | ... | ... | ११ | ५११ |
| एष ह देवः प्रदिशोऽनु | ,, | २ | ... | ... | ... | ... | ... | १६ | ४५८ |
| एकैकं जालं बहुधा | ,, | ५ | ... | ... | ... | ... | ... | ३ | ४९२ |
| एको हि रुद्रो न द्वितीयाय | ,, | ३ | ... | ... | ... | ... | ... | २ | ४६० |
| एष देवो विश्वकर्मा | ,, | ४ | ... | ... | ... | ... | ... | १७ | ४८५ |
| एको हंसो भुवनस्यास्य | ,, | ६ | ... | ... | ... | ... | ... | १५ | ५१४ |
| ओमित्येतदक्षरमिदम् | माण्डू० | ... | ... | ... | ... | ... | ... | १ | २८३ |
| ओमिति ब्रह्म | तैत्ति० | ... | ... | १ | ... | ... | ८ | १ | ३५७ |
| ॐ केनेषितं पतति | केन० | ... | ... | ... | १ | ... | ... | १ | ४८ |
| ॐ उशन् ह वै | कठ० | १ | ... | १ | ... | ... | ... | १ | ७६ |
| ॐ सुकेशा च भारद्वाजः | प्रश्न० | ... | ... | ... | ... | १ | ... | १ | १७२ |
| ॐ ब्रह्मा देवानां प्रथमः | मुण्डक० | ... | १ | ... | १ | ... | ... | १ | २२९ |
| ॐ शं नो मित्रः | तैत्ति० | ... | ... | १ | ... | ... | १ | १ | ३३० |
| ॐ आत्मा वा इदम् | ऐत० | १ | ... | ... | १ | ... | ... | १ | ३०० |
| कामस्याप्तिं जगतः | कठ० | १ | ... | २ | ... | ... | ... | ११ | १०८ |
| कामान् यः कामयते | मुण्डक० | ... | ३ | ... | २ | ... | ... | २ | २७४ |
| काली कराली च | ,, | ... | १ | ... | २ | ... | ... | ४ | २४० |
| कालः स्वभावो नियतिः | श्वे० | १ | ... | ... | ... | ... | ... | २ | ४३२ |
| क्रियावन्तः श्रोत्रियाः | मुण्डक० | ... | ३ | ... | २ | ... | ... | १० | २८० |
| कुर्वन्नेवेह कर्माणि | ईश० | ... | ... | ... | ... | ... | ... | २ | २८ |
| कोऽयमात्मेति वयम् | ऐत० | ३ | ... | ... | १ | ... | ... | १ | ३२५ |