भारतकोश
काल मीमांसा (स्वामी करपात्री जी महाराज - काल-तत्त्व, मुहूर्त एवं युगाब्द दार्शनिक मीमांसा)

काल मीमांसा (स्वामी करपात्री जी महाराज - काल-तत्त्व, मुहूर्त एवं युगाब्द दार्शनिक मीमांसा)

Kaal Mimansa of Dharma Samrat Swami Karpatri Maharaj

धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा

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( ८६ ) ऋतु -- हेमन्त मास -- मार्गशीर्ष एवं पौष पक्ष -- मार्गशीर्ष शुक्ल एवं पौष शुक्ल तिथि -- मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्दशी से पौष शुक्ल प्रतिपदा नक्षत्र -- मृगशिरा से श्रवण विशेष -- मार्गशीर्ष कृष्णपक्ष तेरह दिनों का था भीष्म-पतन -- पौषकृष्ण अष्टमी भीष्म-निर्वाण -- माघ शुक्लाष्टमी ✽ युद्ध-पूर्विका ✽ कार्तिक शुक्ल ११ रेवती — श्रीकृष्ण का उपप्लव्य नगर से हस्तिनापुर के लिए प्रस्थान मार्गशीर्ष कृष्ण ५ पुष्य — श्रीकृष्ण का हस्तिनापुर से उपप्लव्य के लिए प्रस्थान मार्गशीर्ष कृष्ण ५ पुष्य — कौरव-सेना का कुरुक्षेत्र के लिए प्रस्थान मार्गशीर्ष कृष्ण ६ पुष्य — ( १ ) पाण्डवों से मिलने के लिए श्रीबलदेवजी का शुभागमन ( २ ) पाण्डव-सेना का कुरुक्षेत्र के लिए प्रस्थान मार्गशीर्ष शुक्ल १३ रोहिणी — ( १ ) सैन्य-शिक्षण, युद्ध-मर्यादा निर्धारण ( २ ) श्रीवेदव्यास द्वारा हस्तिनापुर में संजय को दिव्य-शक्ति एवं दिव्य-दृष्टि प्रदान ✽ युद्ध-सारिणी ✽ मार्गशीर्ष शुक्ल १४ मृगशिरा युद्धारम्भ : गीताजयन्ती मार्गशीर्ष १५ आर्द्रा दूसरे दिन का युद्ध पौषकृष्ण १ पुनर्वसु तीसरे दिन का युद्ध पौषकृष्ण २ पुष्य चौथे दिन का युद्ध पौषकृष्ण ३ आश्लेषा पाँचवें दिन का युद्ध पौषकृष्ण ४ मघा छठे दिन का युद्ध पौषकृष्ण ५ पूर्वाफाल्गुनी सातवें दिन का युद्ध