काल मीमांसा (स्वामी करपात्री जी महाराज - काल-तत्त्व, मुहूर्त एवं युगाब्द दार्शनिक मीमांसा)

काल मीमांसा (स्वामी करपात्री जी महाराज - काल-तत्त्व, मुहूर्त एवं युगाब्द दार्शनिक मीमांसा)
Kaal Mimansa of Dharma Samrat Swami Karpatri Maharaj
धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा
DevanagariHindipublished115 पृष्ठ
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( ८७ ) पौषकृष्ण ६ उत्तरा फाल्गुनी आठवें दिन का युद्ध पौषकृष्ण ७ हस्त नवें दिन का युद्ध पौषकृष्ण ८ चित्रा दशवें दिन का युद्ध : भीष्मपतन पौषकृष्ण ९ स्वाति ग्यारहवें दिन का युद्ध पौषकृष्ण १० विशाखा बारहवें दिन का युद्ध पौषकृष्ण ११ अनुराधा १३वें दिन का युद्ध : अभिमन्युवध पौषकृष्ण १२ ज्येष्ठा १४वें दिन का युद्ध : जयद्रथवध पौषकृष्ण १३ मूल १५वें दिन का युद्ध : द्रोण-वध पौषकृष्ण १४ पूर्वाषाढ़ा १६वें दिन का युद्ध पौषकृष्ण अमा० उत्तराषाढ़ा १७वें दिन का युद्ध : कर्णवध पौषशुक्ल १ श्रवण १८वें दिन का युद्ध : दुर्योधन हनन अश्वत्थामा द्वारा सौप्तिक संहार
- नक्षत्र-सारिणी * नक्षत्र मास-पूर्णिमा देवता १. अश्विनी अश्विनीकुमार २. भरणी आश्विन यम ३. कृत्तिका अग्नि कार्तिक ४. रोहिणी ब्रह्मा ५. मृगशिरा चन्द्र मार्गशीर्ष ६. आर्द्रा शिव ७. पुनर्वसु अदिति पौष ८. पुष्य बृहस्पति ९. आश्लेषा सर्प माघ १०. मघा पितर ११. पूर्वा फाल्गुनी भग फाल्गुन १२. उत्तरा फाल्गुनी अर्यमा १३. हस्त सूर्य