भारतकोश
कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

कबीर साहेब द्वारा

स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

Devanagarihipublished1,367 पृष्ठ

पृष्ठ 388, कुल 1367 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 388

अचेत पड़े रहे। इसराईलको परमेश्वरने इतना बल प्रदान किया कि, उसने मृत्यु को अपने वशमें कर लिया। यमको परमेश्वरने अनगितनी आँखें प्रदान की हैं। उसके चार पर हैं। जितने पृथ्वी तथा आकाश हैं। सबकी और उसकी एक आँख रहती है। जब कोई जीव मर जाता है तब उसकी एक आँख गिर पड़ती है। जब कोई उत्पन्न होता है तब उसकी एक आँख बढ़ जाती है। जब आदम उत्पन्न हुवा था, उसी समयसे मृत्यु उत्पन्न हुई थी।

यह तो मुसलमानी हदीसके अनुसार चारों फ़िरिश्तोंका हाल लिखा गया। पश्चिमदेशीय अम्बिया सहानुभावता प्रकाशित करते हैं। जो नबियों की हदीसे हैं, सूक्ष्म वेदसे कहीं २ मिलती हैं, कहीं २ विभिन्नता भी है। वो उनकी विद्याका दोष है। इसके अतिरिक्त कहनेवालोंने कुछ विभिन्नताकी अथवा लिखनेवालों ने कुछ औरका और लिख दिया परमेश्वरी वाक्य सब ठीक हैं परन्तु समझनेवालों में दोष है। जिनका हृदय कलुषित हैं वे परमेश्वरी वाक्यको समझ नहीं सकते।

यह समस्त संसार हरिण्यकशिपु फिर ऊन (परमात्माका वागी) इत्यादि सद्गुण अंधा और अज्ञानी है। अपनेको अपने कर्मोंका कर्ता तथा भोक्ता जानता है। जबलों यह अपनेको कर्मोंका कर्ताभोक्ता जानता है तबलों यह निश्चय उन तीनों के अधीन रहेगा। यह तीनों उसके परमेश्वर होंवेंगे। जब यह जान लेवेगा कि, मैं कर्मोंका कर्ता तथा भोक्ता नहीं हूँ, तब उसकी भीतरी आँखें खुल जावेंगी। तब यह फिरऊनी प्राणसे दूर भागेगा। सुतरां मूसाकी दूसरी पुस्तक खिरोजनामकका (७) वाब।

(१) फिर खुदावन्दने मूसासे कहा कि, देख मैंने तुझे फ़िरऊनके निमित्त परमेश्वरसा बनाया तेरा भाई हारूँ तेरा अनागतवक्ता होगा। (२) सब कुछ जिसकी मैं तुझको आज्ञा दूँ कहना। तेरा भाई हारूँ फिर ऊनसे कहेगा कि, बनी इसराईलको अपने देशसे जाने दो। मैं फ़िरऊनके हृदयको दृढ़ करूँगा। इत्यादि।

अब यहां पर दोनों कि, मूसा तो फ़िरउनका खुदा था। हारूँ रसूल अर्थात् भविष्यवक्ता था। इसी प्रकार इस संसारके ये तीन परमेश्वर हैं। समस्त धर्मों के अग्रगण्य भविष्यवक्ता हैं। यह संसारके मनुष्य पशुओं तथा डेंगरू डोरके सद्गुण हैं। ये तीनों इसके चरब हैं और परमेश्वर हैं। क्या भेड़ बकरियाँ अपने चरवाहेके अतिरिक्त और किसी परमेश्वरकी सुध पासकती हैं? कदापि नहीं।

इसी प्रकार अनगितनी ऋषि मुनि अपनी २ सृष्टिके परमेश्वर हैं। यथार्थ परमेश्वरको कौन जान सकता है?