कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)
Kabir Sagar (11 Parts Complete)
कबीर साहेब / खेमराज श्रीकृष्णदास द्वारा
स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई - कबीर सागर सम्पूर्ण ११ भाग · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
Devanagarihipublished2,136 पृष्ठ
पृष्ठ 949, कुल 2136 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 949
सत्यमुक्त, आदि अदली, अजर, अचिन्त, पुरुष, मुनीन्द्र, करुणामय, कबीर, सुरति योग, संतायन, धनी धर्मदास, चूरामणिनाम, मुदर्शन नाम, कुलपति नाम प्रबोध गुरुबालापीर, केवलनाम, अमोल नाम, सुरतिसनेही नाम, हकनाम, पाकनाम, प्रकट नाम, धीरज नाम, उग्र नाम, दया नामकी वंश- व्यालीसकी दया
अथ श्रीबोधसागरे
★
षोडशस्तरंगः
श्रीग्रन्थ चौकास्वरोदय
★
प्रथम प्राण योग जो भाखा । कारज सिद्ध जो बाहर राखा ॥ प्राणायाम भेद सबहीको सारा । कारज सिद्ध वेद व्यवहारा ॥ वोई सुरूप हम आनि निर्माये । आधेको नर आधकी नारि बनाये ॥
नं. ७ कबीर सागर - ४।