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भारतकोश
कबीरपंथी शब्दावली

कबीरपंथी शब्दावली

Kabirpanthi Shabdavali

स्वामी श्री युगलानन्द विहारी द्वारा

स्रोत: Kabirpanthi Shabdavali - Yugalanand Vihari · श्री युगलानन्द विहारी (उद्गम)

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(९५०)

गूढार्थचिन्तामणिकोश ।

अम निवर्तक दृष्टांत—बिम्बप्रतिबिम्ब, लोहित स्फटिक, घटकाश रज्जू सर्प, कनक कुंडल ॥

महायज्ञ—देव,ऋषि,पितर,मनुष्य,भूत,
यम—अहिंसा,सत्य,ब्रह्मचर्य,अपरिग्रह,अस्तेय,
योगभूमिका,क्षेप,विक्षेप,मूढ,एकाग्र,निरोध,
पांच ब्रह्म.सोहृ,ररकार,औकार,अकार,पराशक्ति
पाण्डव पांचयुधिष्ठिरभीम,अर्जुन,नकुल,सहदेव
कन्याअहल्या.द्रौपदी,तारा,कुंती,मंदोदरी
रामपंचायतन,रामजानकीभरतलक्ष्मण,शत्रुहन
पंच मकार (तंत्रशास्त्रके) मधु,मांस,मत्स्य,मैथुनमुद्रा

॥ पदार्थ बद्धविधि ॥

आनादि पदार्थ ६ १ जीव २ ईश, ३ शुद्धचैतन, अविद्या, ४ चैतन, और अविद्याके सम्बन्ध, ५ तिनका परस्पर भेद ॥

अरिवर्ग,—कामक्रोध(द्वेष)लोभ,मोह,मदमत्सर,
अवस्था शरीरका—शिशु,कौमार,पौर्गंड,किशोर,युवा,जरा,
ईश्वरके गुण—समग्रऐश्वर्यसमग्रधर्म,समग्रयशसमग्रश्री,समग्रज्ञानसमग्रवैराग
ईश्वरके ज्ञान—उत्पत्तिप्रलय,गतिआगति,विद्या,अविद्या,
उर्मि धर्म—जन्म,मरण,क्षुधा,तृष्णा,हर्ष,शोक,
कर्म नित्य—स्नान,जप,ह्रीम,अर्चन,आतिथ्य,वैश्वदेव
कौशिक (अन्नमय कौशिकेपदार्थ)वक्,मांस,रुधिर,मेद,मज्जा,अस्ति,
प्रमाण—प्रत्यक्षअनुमान,उपमान,शब्द,अर्थापत्ति,अनुपलब्धि
ध्रम—कुल,गोत्र,जाति,वर्ण,आश्रम,नाम
रस—मधुर,अम्ल,लवण,कटु,कृषायतिक्त,
लिंग—उपक्रमउपसंहार,अभ्यास,अपूर्वता,फल,अर्थवाद,
विकार—जन्म,अस्तित्ता,बुद्धित्ताविपरिणामता,अपक्षीयता,विनाशना
वेदांत—शिक्षा,कल्प,व्याकरण,निरुक्तछंद,ज्योतिष
षट्संभति—शम,दम,उपरम,तिलिक्षा,श्रद्धा,समाधान

शास्त्र—१ सांख्य (कपिलकृत) २ योग पातंजल (पतंजलिकृत) ३ न्याय गौतमकृत ४ पूर्वमिमांसा (जैमिनिंकृत) ५ वैशेषिक (कण्वा मुनिकृत) ६ वेदांत वा उत्तर मीमांसा (व्यास वा ब्राह्मणकृत) ॥

स्वभाव प्राणीका—छाजन, भोजन, चक्र ६ आचारचक्र चार दल कमल, ३ मणिपूरक चक्र १० दलकमल

मैथुन, भय, निद्रा, मोह ॥ १ स्वाधिष्ठान चक्र छः दल कमल, ४ अनाहतचक्र १२ दल, ५ विशुद्धाख्य चक्र १६ दल, अज्ञाख्य पद्म अज्ञाथके २ दल ॥

दर्शनभेद—योगी,जंगम,सेवडा,संन्यासी,दवशब्राह्मण ॥
जैनियोंके—द्रव्यजीव,बुद्धि,आकाश,कालस्वर्ग,मोक्ष ॥
तंत्र क्रिया—भारण,मोहन,वशीकरण,उच्चटन,स्तम्भन,तारण ॥

न्यायोक्त जीव के छः विशेष गुण—१ बुद्धि, २ सुख, ३ दुख, ४ इच्छा, ५ द्वेष, ६ प्रयत्न