भारतकोश
कल्याण: उपनिषद् अङ्क

कल्याण: उपनिषद् अङ्क

Kalyan Upanishad Ank

गीताप्रेस द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished832 पृष्ठ

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पृष्ठ 717
  • महान्तं विभुमात्मानं मत्वा धीरो न शोचति * ६६३ '(इस प्रकार भगवान्‌की आह्लादिनी-शक्ति श्रीराधिकाजीका और जड है। (जड होनेके कारण भगवान्‌की दृष्टि पड़नेसे) यह वर्णन हुआ, अब उनकी सन्धिनी-शक्तिका विवरण सुनो।) अनन्त कोटि ब्रह्माण्डोंकी रचना करती है तथा यही माया और यह सन्धिनी-शक्ति धाम, भूषण, शय्या और आसनादि तथा अविद्यारूपसे जीवका बन्धन करती है। क्रियाशक्तिको ही मित्र और भृत्यादिके रूपमें परिणत होती है और मृत्युलोकमे लीलाशक्ति कहते हैं। अवतार लेनेके समय माता-पिताके रूपमें परिणत हो जाती 'जो इस उपनिषद्‌को पढते हैं, वे अव्रती भी व्रती हो है। यही अनेक अवतारोंकी कारण है। ज्ञानशक्तिको ही जाते हैं तथा वे अग्निपूत, वायुपूत और सर्वपूत हो जाते है। क्षेत्रज्ञशक्ति कहते हैं और इच्छाशक्तिके अन्तर्भूत माया- वे श्रीराधाकृष्णके प्रिय होते हैं और जहाँतक दृष्टिपात करते शक्ति है। यह सत्त्व, रज और तमोगुणारूपा है तथा बहिरङ्ग हैं, वहाँतक सबको पवित्र कर देते हैं। ॐ तत्सत्।' ॥ ऋग्वेदीय श्रीराधोपनिषद् समाप्त ॥ शान्तिपाठ ॐ वाङ् मे मनसि प्रतिष्ठिता मनो मे वाचि प्रतिष्ठितमाविरावीर्म एधि । वेदस्य म आणीस्थः श्रुतं मे मा प्रहासीः । अनेनाधीतेनाहोरात्रान् संदधाम्यृतं वदिष्यामि । सत्यं वदिष्यामि । तन्मामवतु । तद्वक्तारमवतु । अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम् ॥ ॐ शान्तिः ! शान्तिः !! शान्तिः !!! एकमात्र श्रीकृष्ण ही भजनीय हैं एको वशी सर्वगः कृष्ण ईड्य एकोऽपि सन् बहुधा यो विभाति तं पीठस्थं येऽनुभजन्ति धीरास्तेषां सिद्धिः शाश्वती नेतरेषाम् ॥ नित्यो नित्यानां चेतनश्चेतनानामेको बहूनां यो विदधाति कामान् । तं पीठगं येऽनुभजन्ति धीरास्तेषां सुखं शाश्वतं नेतरेषाम् ॥ (गोपालपू० ता०) एकमात्र सबको वशमें रखनेवाले, सर्वव्यापी भगवान् श्रीकृष्ण सर्वथा स्तवन करने योग्य हैं। वे एक होकर भी बहुत रूपोंमें प्रकाशित हैं। जो धीर भक्त उन पीठस्थ भगवान्‌को भजते हैं, उन्हींको सनातनी सिद्धि मिलती है, दूसरोंको नहीं। जो नित्योंके भी नित्य हैं, चेतनोंके भी परम चेतन हैं, जो एक ही बहुतोंकी कामना पूर्ण करते हैं, उन पीठस्थ श्रीभगवान्‌को जो धीर भक्त भजते हैं, उन्हींको सनातन सुख मिलता है, दूसरोंको नहीं।