करूँ जगत से न्यार
Karun Jagat Se Nyaar
सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंनाम पाय सत्य जो बीरा । संग रहूँ मैं दास कबीरा।।
बस, यहाँ पर अपना नया जन्म समझना। फिर आपको खोलकर नाम और मंत्र - दोनों समझा दिये जायेंगे । ध्यान में बिठाकर अभ्यास भी करवा दिया जायेगा। नाम लेने के बाद आप सुबह - शाम नाम - भजन में बैठना। वैसे तो खाते-पीते, सोते-जागते हर समय लगे रहना । पर बैठते समय पहले 4-5 मिनट गुरु-मंत्र करना यानी आपने गुरु को याद करने बुला लिया। अब जो नाम बताया गया, उसका स्वाँसों में सुमिरन करते हुए शीश से सवा हाथ ऊपर ध्यान को एकाग्र करके जैसे बताया, वैसा करना । इस भ्रम में नहीं पड़ना कि यह नाम तो जपने में आ रहा है। जैसे तार पर बिजली चलती है, ऐसे ही इसके द्वारा आध्यात्मिक किरणें आपके अंदर आयेंगी। जो नाम आपको दिया, वो कहने- सुनने में आने वाला नहीं है। वो आपके साथ है । 'सार नाम सत्पुरुष कहाया।।' वो खुद परम- पुरुष है, जिसे प्रकट कर दिया। तो इस भ्रम में न पड़कर नाम का सुमिरन करना, क्योंकि इसी से ध्यान एकाग्र होगा। वैसे कभी भी बैठ सकते हो और सच पूछो तो आधी रात का समय बड़ा सुंदर है, क्योंकि उस समय मैं मिल भी जाऊँगा । 'देखा देखी सब कहें, भोर भये गुरु नाम । अर्धरात को जागसी, खानाजाद गुलाम ।।' छ: महीने तक गुरु पूरा-पूरा आपके साथ होगा। इस बीच यदि उसे पा लिया तो पा लिया अन्यथा बाद में थोड़ी मुश्किल होगी। इसलिए जमकर ध्यान करना - पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ। यदि नाम या मंत्र भूल जाओ तो किसी भी नामी से पूछ सकते हो। पर याद रहे, अपनी पत्नी से नहीं । यदि उससे पूछा तो फिर भाई-बहन का रिश्ता हो जायेगा। किसी दूसरे गैरनामी के सामने नाम (शब्द) को प्रकट नहीं करना अन्यथा बुरी हालत हो जायेगी । नामी से आप कुछ भी समझ सकते हैं। यदि आन्तरिक दुनिया में कोई रुकावट आए तो उसके लिए मैं हर समय उपलब्ध हूँ, पूछ सकते हो।