भारतकोश
करूँ जगत से न्यार

करूँ जगत से न्यार

Karun Jagat Se Nyaar

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (उद्गम)

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पंथ के नियम

जो भी हमारे पंथ में आता है, उसे निम्नलिखित सात नियमों का पालन करना पड़ता है। 1. हमेशा सत्य बोलना 2. माँस नहीं खाना 3. नशा नहीं करना 4. चोरी नहीं करना 5. चरित्रवान् रहना 6. जुआ नहीं खेलना 7. हक की कमाई खाना सत्य बोलना साँच बराबर तप जाके हृदय साँच है, नहीं, झूठ बराबर हृदय आप ॥ पाप । सच से बड़ा तप ही नहीं है। झूठ से बड़ा पाप नहीं है। जिस हृदय में सच्चाई नहीं, वहाँ प्रभु नहीं आता, इसलिए सच कितना ज़रूरी है ! मजाक में भी झूठी बात नहीं कहना । किसी को वायदा भी मत करना कि कल या परसों आपके पास आऊँगा या आऊँगी। यदि शरीर छूट गया तो ! फिर अमर-लोक नहीं जा पाओगे, पुनर्जन्म लेना पड़ जायेगा वादा निभाने के लिए। इसलिए कहना कि यदि साहिब की मौज हुई तो आऊँगा । सत्य का पालन बड़ी मजबूती से करना । सत्य के आठ अंग हैं। असत्य से बहुत बड़ा नुक़सान है। शराब पीने से भी अधिक है। झूठे की बुद्धि अच्छी नहीं हो सकती। कितना भी बुद्धिमान शराबी होगा, उससे उम्मीद नहीं रखना कि ठीक काम करेगा। नहीं कर सकता है । हमारे मस्तिष्क की कोशिकाओं