भारतकोश
करूँ जगत से न्यार

करूँ जगत से न्यार

Karun Jagat Se Nyaar

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (उद्गम)

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जुआ आज न मुआ कल मुआ ।।

जुआ एक-न-एक दिन आपका सर्वनाश कर देता है, इसलिए जुए से भी बचना । हक की कमाई खाना घूस नहीं लेना, दो नम्बर का काम नहीं करना और न ही भीख माँगकर खाना। अपनी मेहनत से ही खानी है । चाहे एक समय की मिले, संतुष्ट रहना। पर भूल कर भी घूस नहीं लेना । ग़लत धन खाओगे तो बुद्धि पर असर पड़ेगा। वही धन आपके बच्चे खायेंगे तो उनकी बुद्धि भी वैसी ही हो जायेगी। .. तो फिर इनके साथ कहा कि भक्ति एक परम-पुरुष की करना ।

देवी देवल जगत में, कोटिक पूजे कोय ।

सतगुरु की पूजा किये, सबकी पूजा होय ।।

एक सद्गुरु की भक्ति से सारे ब्रह्माण्ड की भक्ति हो जाती है। इसलिए केवल सद्गुरु की ही भक्ति करना । सद्गुरु में ही वो परम - पुरुष विद्यमान है, इसलिए वही परम पुरुष की भक्ति है । नियमों के पालन से क्या होगा मैंने नाम दान के समय ही कहा था कि यह - यह काम नहीं करना । कोई बाद में नहीं कहा है। नाम के बाद आपको अब अच्छा-बुरा सब समझ आ रहा है। इस तरह हमने आपको पाप कर्मों से दूर किया। आदमी में आज टैंशन और भय दिख रहा है । क्यों! क्योंकि छल, कपट, ग़लत काम कर रहा है । इसलिए भय है । टैंशन कहाँ से आयी ? ज़रूरतें पूरी नहीं कर पा रहा है तो ठगी करता है । बचो इससे । सात्विक जीवन जिओ । पाप है तो आप दुखी हैं । पाप कर्मों से रहता है जिसका मन मलीन, उसको सपने में भी परमात्म नज़र आता नहीं ....... । जितने पाप करोगे, अंत:करण पर असर होता है । जब ऐसे नहीं होंगे तो आपको कोई कष्ट नहीं दे पायेगा । 'जग में बैरी कोई नहीं, जो मन