करूँ जगत से न्यार
Karun Jagat Se Nyaar
सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंउसे वहाँ तक लाईं । आधा घण्टा लगा । अब खड्डे के अंदर वो नहीं जा पा रहा था। फिर उन्होंने उसके टुकड़े किये और अंदर बिल में ले गयीं । इसका मतलब है कि पहले चींटी ने वहाँ जाकर सब चींटियों को आवाज़ लगाई होगी, कहा होगा कि चलो जल्दी, बहुत कुछ है खाने को । फिर कमाण्डर ने तगड़ी-तगड़ी चींटियों को चुना होगा । जैसे कुछ भारी काम होता है तो मैं भी सेवा के लिए चुनता हूँ, जो कर सकते हैं। तो उन्होंने भी छाँटा होगा। वो वहाँ पहुँचीं। फिर अक्ल कितनी थी ! सुराख कम था तो टुकड़े किये। यानी मूल सुरति थी उनके पास । यही सबमें है । आपको बताऊँ, सतयुग में सभी जानवर की भाषा जानते थे। सच मानना। मूल सुरति सबमें एक है। बच्चे रोते हैं । यह रोना क्या है ? यह एक भाषा है । पर इसको जो समझे वो जान सकता है । जो समझता है, उसे भी नहीं पता है कि वो जानता है यह भाषा | माँ समझती है, पर वो तय नहीं है कि उसे पता है। बच्चे को बोलना नहीं आता है, पर अपनी बात कह देता है । यह मूल सुरति है । वो रोता है तो पुकारता है - आओ । मूल रूप से हम सबकी एक ही भाषा है। धरती पर अनेक भाषा बोलने वाले हैं, विभिन्न भाषाएँ बोलते हैं, पर विचारों को बाहर रखना ही मूल लक्ष्य है । वो रोता क्यो है ? माँ को बुला रहा है। ज़ोर से क्यों रोता है ? ज़्यादा दिक्कत में है तो बुलाता है । रो क्यों रहा है ? क्योंकि अलफाज निकालना नहीं आते। वो रोने की आवाज़ में अपनी बात कह रहा है कि यह दिक्कत है । वो जान चुका है कि रोने के बाद मेरी माँ आती है । उसके पास ज्ञान है। वो जानता है कि मेरी माँ समझती है। यह काम पशु भी करते हैं। अरनिया में मैं सत्संग कर रहा था तो एक भैंस ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाए जा रही थी । किसी ने ध्यान नहीं दिया। उसे तो धूप में बाँध रखा था; वो परेशान थी। वो कह रही थी कि मैं छाया में नहीं जा पा रही हूँ, मुझे बाँध रखा है, खोलो । जहाँ उसका मालिक था, वहीं मुँह करके चिल्ला रही थी। मैंने सुना, पर और कोई नहीं सुना कि क्या कह रही है । मैंने एक सत्संगी को धूप में खड़ा किया। एक मिनट बाद पूछा कि कैसा लग रहा है ? उसने कहा कि बहुत कष्ट है। मैंने उसी को वहाँ भेजा, कहा कि उस भैंस को खोलकर छाया में बाँधो, चाहे जिसकी भी भैंस हो । फिर मैंने देखा कि उसे प्यास भी लगी थी। तो एक को कहा कि बाल्टी