करूँ जगत से न्यार
Karun Jagat Se Nyaar
सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंनहीं खा सकते। तो जागराते वाले ही सयाने बन गये । फिर वही टीम अब शास्त्री बन गये हैं । जितने शास्त्री हैं, भूत-प्रेत वाला काम भी कर रहे हैं । आपको जो नाम दिया, उससे भूत-प्रेत की नानी भी भाग जायेगी । अन्दर में बैठे यम के 14 दूतों की भी वो नाम ख़बर लेता है । फिर बाहर के भूत क्या करेंगे !
अद्भुत नाम सदा रखवाला ॥
इन चीज़ों पर आदमी नहीं चल रहा है । माई का दोनू, पोत्र नहीं आए दो साल तक तो बहू को सयाने के पास ले जाती है। आलम यह है कि एक माई का सब्जी काटते-काटते हाथ कट गया तो सयाने के पास चली गयी; कहा कि पड़ौसिन डायन है, उसने कुछ कर दिया है। अरे भोली माई, पहले डॉ० के पास जा, खून बह रहा है। एक ने कहा कि मेरी मंज बीमार हो गयी है, बाहरी नुक्स है। मैंने पूछा कि नाम लिया है? कहा- हाँ । मैंने कहा तो क्यों वहम में है ? वो बोली कि सयाना कह रहा है कि नाम तूने लिया है, मंज ने थोड़ा लिया है। भूत मंज को लगा है। मैंने कहा कि उसने तो कहना ही है । फिर किसी माई का बच्चा बीमार था तो आस-पास लोगों ने कहना शुरू किया कि ऐसे-ऐसे बाहरी चीज़ है । मैंने कहा कि नाम लिया है ? कहा- हाँ । वो बोली कि वो कह रहे हैं कि बच्चे ने नहीं लिया है। भूत तो बच्चे को लगा है। यानी आप शुद्ध भक्ति में न जा पाएँ, इसलिए करते हैं ये सब तमाशे । तो जब मैंने लोगों को इन्हीं में उलझे देखा तो सोचा कि सिलसिला यहीं से शूरू करते हैं; बारीक भक्ति की बात बाद में करेंगे। मैंने समझाया कि उन्हें भी भूत नहीं लग पायेंगे। जब आपने नाम लिया है तो उनकी भी सुरक्षा साहिब करेगा । साहिब कह रहे हैं-
भूत पिशाच होय सब नियारा । अद्भुत नाम सदा रखवारा ॥
एक ने कहा कि आप कह रहे हैं कि भूत न मानो तो जो पुरखे हमारे भटक रहे हैं, उनका क्या होगा ? वो कहाँ जायेंगे ? वो माँगते हैं। उन्हें नहीं देंगे तो कहाँ जायेंगे ? मैंने कहा कि उनका भी इलाज है ।
तारूँ तास इकहत्तर बंशा ॥
71 पीढ़ियाँ तर जायेंगी । जैसे नाम की ताक़त आती है तो उनका भी कल्याण हो जाता है । ... तो नाम रक्षा करता है । साहिब वाणी में कह रहे हैं-