भारतकोश
करूँ जगत से न्यार

करूँ जगत से न्यार

Karun Jagat Se Nyaar

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (उद्गम)

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एक चीज़ आप देखते होंगे कि आप नाम के बाद बड़े सुरक्षित हैं । एक सुरक्षा कवच आपके ऊपर है । आप देखते हैं कि आप सुरक्षित हैं, आप पाते हैं कि कोई ताक़त आपको सुरक्षा दे रही है। आपके पास भूत-प्रेत आदि नहीं आ पा रहे हैं। आपके विश्वास के पीछे आधार है । आप अपने को सुरक्षित पा रहे हैं । जैसे बुलिटप्रूफ पहन लिया तो सुरक्षित महसूस करते हैं । गोली कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। इस तरह ग्रह-नक्षत्र, जादू-टोना आदि आपका कुछ नहीं बिगाड़ पा रहे हैं। इसलिए आप दृढ़ हो गये हैं । आपकी दृढ़ता देखकर दूसरों को लगता है कि धर्म बदल दिया है। हम तो शुद्ध धर्म बता रहे हैं। हम सत्य और अहिंसा पर चल रहे हैं। हम तो धर्म पर आरूढ़ हैं । हमने भ्रम छोड़ दिया, जादू-टोना नहीं मान रहे, ग्रह-नक्षत्र नहीं मान रहे । ये चीजें होती बहुत कम हैं, पर पाखण्डी बताकर अपने हितों की पूर्ति करता है। मंज बीमार हो जाए तो कहता है कि भूत लगा है । जब माई कहती है कि नाम लिया है तो कहता है कि नाम तूने लिया है, मंज ने नहीं लिया है, भूत मंज को लगा है। यानी बुद्ध बनाता है। मैंने किसी को नहीं कहा कि इतना पैसा लाओ, यह करो, वो करो। जब भी कोई दुखी आया तो ढाँढस बँधाया कि कोई ग्रह, कोई भूत कुछ नहीं कर सकता है। मैंने समझाया कि नाम के आगे ये नहीं टिक पायेंगे। हमने किसी का धर्म नहीं छुड़ाया, हमने भ्रम से लोगों को छुड़ाया है । पर पाखण्डी लोगों को भ्रमित करता है । साहिब कह रहे हैं- -

ये केवल भ्रम के उत्पाती ॥

ये भ्रमित करके पैसा लूटते हैं । यह तबका बड़ा ख़तरनाक है। धन- प्राप्ति के लिए भ्रमित कर रहा है। तो जबसे आपने नाम लिया है, ये चीजें प्रभावित नहीं कर पा रही हैं । आपने आजमाया होगा। कई मौकों पर आपके साथ यह अनुभव हुआ होगा। तो वो 400 साल से उनके पीछे लगा हुआ था। कहा कि अब नहीं समेट पाऊँगा। जो आपके साथ जुड़े हैं, उनके नज़दीक भी नहीं जा पाता हूँ। बोला कि मैंने मरते समय सोचा था कि इनसे बदला लूँगा, इसलिए मेरी यही सोच है कि इनको समाप्त करना है, ख़ानदान रहित करना है । मेरी गति भी नहीं हुई है। तो माई का शक ठीक-ठीक था । आत्मा तो सबमें है न! वो अच्छा- बुरा सब समझती है। सुरति का ही खेल है । मन इसी सुरति को अपने साथ में