भारतकोश
करूँ जगत से न्यार

करूँ जगत से न्यार

Karun Jagat Se Nyaar

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (उद्गम)

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घुमा रहा है । वही इसे ग़लत दिशा की ओर ले जा रहा है । पर नाम के बाद यह नहीं ले पाता है ।

नाम होय तो माथ नमावे ॥

... तो केवल नाम की ताक़त से ही यह सुरक्षित हो सकता है। ज्योतिषियों के पास नहीं जाना है न जन्म के समय, न विवाह आदि के समय, न अन्य किसी कारण से ज्योतिषियों के पास जाना है। ज़रूरत ही नहीं है आपको। ग्रह-नक्षत्रों का आपपर अब कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है । क्योंकि—

नव ग्रह का बस नहीं चलाई। सबहि विघ्न सदा टल जाई ।।

नाम के बाद नौ ग्रहों का भी आपपर बस नहीं चलेगा। हम कह रहे हैं कि ग्रह-नक्षत्र न मानो । यह 99 प्रतिशत धोखा है । 2005 का इलेक्शन था। वाजपेयी जी प्रधानमंत्री थे; दुबारा इलेक्शन होना था। 200 ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की कि वाजपेयी जी दुबारा प्रधानमंत्री बनेंगे । कोई भी ग्रह उनके विरुद्ध नहीं जा रहा है। मेरे पास कटिंग भी पड़ी है। मैंने कहा कि सुनिये, जब इलेक्शन हुआ तो बी. जे. पी. नहीं जीती, मनमोहनसिंह प्रधानमंत्री बना। एक ने नहीं लिखा था कि मनमोहनसिंह प्रधानमंत्री होगा । तो मेरा सवाल है कि यह फराड़ नहीं है क्या ! ये तो पढ़े-लिखे ज्योतिषि थे, मुख्य अगुआ ज्योतिषि थे । उनका यह हाल है तो बाकी जो गली-गली घूम रहे हैं, उनका क्या हाल होगा ! वो ख़ामख़ाह लोगों को ग्रहों के नाम पर डराकर लूटते हैं। हमारे सिद्धांत उन्हें ख़त्म कर रहे हैं । हमें शनि महाराज जी से भी कुछ लेना नहीं है। हम कह रहे हैं कि दृढ़ होकर भक्ति करो। | मंदिर आदि जगहों पर माथा टेकने की ज़रूरत नहीं है आपको ऐसा क्यों ? यह कोई ख़राब बात नहीं है, पर यह सगुण-भक्ति है और हमने आपको परा-भक्ति का दान दिया है। शादी से पहले तो लड़की गुड्डा- गुड्डियों से खेलती है, पर जब शादी हो जाती है, तब थोड़ा वो यह खेल खेलती है। मंदिर आदि आपके दिल में भक्ति का शौक पैदा करने के लिए हैं । जब तक पूर्ण गुरु न मिले, तब तक ठीक है, पर जब पूर्ण गुरु मिल जाए तब

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