भारतकोश
करूँ जगत से न्यार

करूँ जगत से न्यार

Karun Jagat Se Nyaar

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (उद्गम)

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| शंकाओं का निराकरण होगा पहला तो सत्संग में शंकाओं का समाधान मिल जाता है । जब भी महापुरुषों की बात को सुनते हैं तो उनकी बुद्धि की अलौकिकता समझ आने लगती है। आपके प्रश्नों का उत्तर मिलता जाएगा। कथा और सत्संग में अंतर है। कथा में वेदों, शास्त्रों आदि की कहानियाँ सुनाई जाती हैं। उसमें आख्यान हैं । पर कथा की निंदा नहीं कर रहे। महापुरुष आत्म-तत्व की बात करता है । इसलिए सत्संग में समग्र शंकाओं का निराकरण होगा । हृदय का अँधकार नष्ट हो जायेगा। आप एकाग्र होंगे महापुरुषों की हाज़िरी में पूरा वातावरण एकाग्र हो जाता है। वो कोई जटाएँ नहीं बढ़ाता है, कपड़े नहीं रंगाता है।

मन न रंगाए योगी, कपड़ा रंगाए लिया ॥

आप आदमी की सुरति दुनिया में घूम रही है, जिससे कुंद है। महापुरुषों के पास जाने से सुरति एकाग्र होती है, उसकी चेतना बड़ जाती है आध्यात्मिक शक्तियाँ मिलेंगी तीसरा, एक अध्यात्मिक उर्जा महापुरुषों के शरीर से निकलती है, वो मिल जाती है। उनकी वाणी कानों से सुनी तो भी वो उर्जा निकलकर हममें आती है। महापुरुषों से निकलने वाली उर्जा वातावरण में फैलती है। विज्ञान भी सहमत है कि हरेक के अंदर से किरणें निकलती हैं । यदि कोई आपके घर आया तो उसकी किरणें कई दिन आपके घर में रहती हैं। यह आपको पता भी चल जाता है कि कोई आने वाला है । कभी आप किसी के बारे में सोच रहे | होते हैं और वो आ जाता है । आप कहते हैं अभी आपके बारे में ही सोच रहा था। यानी वो किरणें पहले ही वहाँ पहुँच गयीं। आपको पता चल गया कि वो आने वाला है। तो जब महापुरुषों के शरीर से अध्यात्मिक किरणें निकलकर आपतक पहुँचती हैं तो आपको अपने वजूद को समझने का मौका मिल जाता है ।