भारतकोश
काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

Kasika Vritti of Vamana and Jayaditya on Panini Sutras

आचार्य वामन एवं जयादित्य (सम्पादक: पण्डित बालशास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished828 पृष्ठ

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or क्त? Wait! Look at the first letter: , second is , third is क्त? अभक्तश्च सुडित्युक्तं! YES! Look: Line 11 said: कात्पूर्वग्रहणं सुटो ऽभक्तत्वज्ञापनार्थम् And line 22 says: भ्यासौ। अभक्तश्च सुडित्युक्तं ततः सकारादुत्तरावडभ्यासावनिष्ठे देशे स्या- YES! अभक्तश्च सुडित्युक्तं! Look at the image: भ्यासौ । अभक्तश्च सुडित्युक्तं! First letter is clearly , then , then क्त, then श्च: अभक्तश्च! AMAZING!

Line 23: ताम्। एतस्मिंस्तु सत्यत एव वचनात् कृतयोरडभ्यासयोस्तद्द्व्यवायेऽपि सुट् Wait, look at सत्यत एव वचनात्: सत्यत एव वचनात् or सत्यस्मादेव वचनात्? Letters: त्य ना त् -> सत्यत एव वचनात्. Then: कृतयोरडभ्यासयोस्तद्द्व्यवायेऽपि सुट्