भारतकोश
काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

Kasika Vritti of Vamana and Jayaditya on Panini Sutras

आचार्य वामन एवं जयादित्य (सम्पादक: पण्डित बालशास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished828 पृष्ठ

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(d) + धि (dhi)? Yes, मद्धितम्! Wait, let's look at मद्हितम् vs मद्धितम्: By "झयो होऽन्यतरस्याम्" (८.४.६२), त्वद् + हितम् -> त्वद्धितम् / त्वद्हितम्. In print, it is त्वद्धितं मद्धितम् or त्वद्धितं मद्हितम्? Let's check the letters: त्व द्धि तं द्धि तं (it has the same d-dh ligature!). Wait, look at line 28: तुभ्यं हितं त्वद्धितं मद्धितम् । तव पुत्रस्त्वत्पुत्रो मत्पुत्रः । अथ Yes, मद्धितम्!

Let's read line 29: किमर्थमेवां त्वाहादीनां बाधनार्थमेतद् विज्ञायते । लक्ष्यस्थित्यपेक्षया । ज्ञाप- Wait, look at the first word: किमर्थमेवां or किमर्थमेवं? Look at line 29: किमर्थमेवं! The dot on top is anusvāra, no 'ा' stroke on 'व'. It's किमर्थमेवं. Then: `त्वाहादीनां बाधनार्थमेतद् विज्ञाय