काश्यप संहिता (वृद्ध जीवकीय तन्त्र व विद्योतिनी हिन्दी टीका सहित)

काश्यप संहिता (वृद्ध जीवकीय तन्त्र व विद्योतिनी हिन्दी टीका सहित)
Kashyapa Samhita Hindi
महर्षि काश्यप / जीवक (टीकाकार: श्री सत्यपाल भिषगाचार्य) द्वारा
स्रोत: Kashyapa Samhita (Vriddha Jivakiya Tantra) with Vidyotini Hindi Commentary (उद्गम)
DevanagariHindipublished942 पृष्ठ
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५६४ | काश्यपसंहिता वा वृद्धजीवकीयं तन्त्रम्
| विषय | पृ. | पं. | विषय | पृ. | पं. |
|---|---|---|---|---|---|
| चत्वारिंशत्पित्तविकाराणां नामतो निर्देशः | ६३ | ५ | शुभाशुभानि स्फिगलक्षणानि | ६९ | १६ |
| पित्तस्य स्वरूपं, कर्म, उपक्रमाश्च | ६४ | १ | शुभाशुभानि कुकुन्दरलक्षणानि | ६९ | १८ |
| कफजविंशतिविकाराणां नामतो निर्देशः | ६५ | १ | शुभाशुभानि जघनलक्षणानि | ६९ | १९ |
| श्लेष्मणः स्वरूपं, कर्माणि, उपक्रमाश्च | ६५ | ४ | शुभाशुभानि वृषणलक्षणानि | ६९ | २० |
| वातपित्तश्लेष्मणां विशिष्टोपक्रमाः | ६६ | १ | शुभाशुभानि प्रजननलक्षणानि | ६९ | २३ |
| एकविधा व्याधयः | ६६ | ३ | शुभाशुभानि मूत्रलक्षणानि | ६९ | २४ |
| द्विविधाः | ६६ | ५ | शुभाशुभानि योनिलक्षणानि | ७० | १ |
| त्रिविधाः | ६६ | ६ | शुभाशुभानि रोमराजिलक्षणानि | ७० | ४ |
| चतुर्विधाः व्याधयः | ६६ | ८ | शुभाशुभानि कुक्षिलक्षणानि | ७० | ६ |
| पञ्चविधाः व्याधयः | ६६ | १० | शुभाशुभानि उदरलक्षणानि | ७० | ७ |
| षड्विधाः व्याधयः | ६६ | १० | शुभाशुभानि नाभिलक्षणानि | ७० | ११ |
| सप्तविधाः व्याधयः | ६६ | ११ | शुभाशुभानि पायुलक्षणानि | ७० | १३ |
| अष्टविधाः व्याधयः | ६६ | १२ | शुभाशुभानि पार्श्वलक्षणानि | ७० | १३ |
| दशविधाः व्याधयः | ६६ | १२ | शुभाशुभानि पृष्ठलक्षणानि | ७० | १४ |
| विंशतिविधाः व्याधयः | ६६ | १२ | शुभाशुभानि अंसलक्षणानि | ७० | १५ |
| उपद्रवलक्षणम् | ६७ | १ | शुभाशुभानि कक्षालक्षणानि | ७० | १७ |
| उपद्रवचिकित्साविचारः | ६७ | २ | शुभाशुभानि बाहुलक्षणानि | ७० | १८ |
| रक्तजविकाराणां हेतुः | ६७ | ६ | शुभाशुभानि मणिबन्धलक्षणानि | ७० | २० |
| रक्तजा रोगाः | ६८ | १ | शुभाशुभानि यवपंक्तिलक्षणानि | ७० | २१ |
| रक्तजानां रोगाणां चिकित्सा | ६८ | ४ | शुभाशुभानि केशभूमिलक्षणानि | ७० | २४ |
| बालोपक्रमे विशेषः | ६८ | ६ | शुभाशुभानि गतिलक्षणानि | ७० | २६ |
| लक्षणाध्यायः २८ । | अप्रशस्तानि शरीराणि | ७० | २७ | ||
| बालानां शुभाशुभदेहलक्ष्णविषये जीवकस्य प्रश्नाः | ६९ | १ | बालानां प्रशस्तानि रुषितादीनि | ७० | २८ |
| कश्यपस्योत्तरम् | ६९ | ३ | वक्त्रचक्षुःस्वररूपैर्वृत्तमनःसारगुणानां परीक्षा | ७४ | १ |
| शुभाशुभानि नखलक्षणानि | ६९ | ४ | सत्त्वानां भेदाः | ७४ | ३ |
| शुभाशुभानि पादलक्षणानि | ६९ | ७ | ब्राह्मसत्त्वस्य लक्षणम् | ७५ | २ |
| शुभाशुभानि अङ्गुलीलक्षणानि | ६९ | ११ | प्राजापत्यसत्त्वस्य लक्षणम् | ७५ | ३ |
| शुभाशुभानि पार्ष्णिलक्षणानि | ६९ | १२ | आर्षसत्त्वस्य लक्षणम् | ७५ | ४ |
| शुभाशुभानि उत्तरपादलक्षणानि | ६९ | १३ | ऐन्द्रसत्त्वस्य लक्षणम् | ७५ | ५ |
| शुभाशुभानि गुल्फलक्षणानि | ६९ | १३ | याम्यसत्त्वस्य लक्षणम् | ७५ | ६ |
| शुभाशुभानि जङ्घालक्षणानि | ६९ | १४ | वारुणसत्त्वस्य लक्षणम् | ७५ | ७ |
| शुभाशुभानि जानुलक्षणानि | ६९ | १५ | कौबेरसत्त्वस्य लक्षणम् | ७६ | १ |
| शुभाशुभानि ऊरुलक्षणानि | ६९ | १६ | गान्धर्वसत्त्वस्य लक्षणम् | ७६ | २ |
| शुद्धसत्त्वस्य सामान्यलक्षणम् | ७६ | ३ |