कौशिक गृह्यसूत्रम् (अथर्ववेद शौनक शाखा - संक्षिप्त टीका एवं पं. उदयनारायण सिंह हिन्दी अनुवाद)

कौशिक गृह्यसूत्रम् (अथर्ववेद शौनक शाखा - संक्षिप्त टीका एवं पं. उदयनारायण सिंह हिन्दी अनुवाद)
Kausika Grihyasutram of Atharvaveda with Hindi Translation
महर्षि कौशिक (अनुवादक: पण्डित उदयनारायण सिंह) द्वारा
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( १८ ) उपरि उल्लिखित तालिका देखने से पता लगता है जो, प्राचीन हिन्दुओं की चिकित्सा सम्बन्धी ज्ञान का उत्तम आभास पाया जाता है । अथर्व- वेद में जिन सब रोगों की चिकित्सा या जिन सब भेषजों का रोग नाशक क्षमता मन्त्रों में सूचित हुई है उन्हीं सब रोग और भेषज के सम्बन्ध में कौशिक सूत्र में विस्तृत वर्णन है । और देशव्यापी अद्भुत या अलौकि-सामूहिक दैविक घटना होने की सूचना-प्रकृति के विपरीत कार्यों से वर्षों, महीनों, दिनों पहिले से होती है । इसका भी विशेष उपयोगी वर्णन आया है । यह कौ० सू० अनेकों उपकारी उपदेश रत्नों से पूरित सबको देखने तथा रखने योग्य है। भवदीय— उदयनारायण सिंह ।