कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)
Kautiliya Arthashastra with Hindi Commentary by Gairola
आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) / डॉ. वाचस्पति गैरोला द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें२६८ कौटिल्य का अर्थशास्त्र [ तीसरा अधिकरण
पुरुषविप्रकाराद् वा स्त्री चेन्मोक्षमिच्छेत्, नास्ये यथागृहीतं दद्यात् । अमोक्षो धर्मविवाहानाम् । इति द्वेषः । (१) प्रतिषिद्धा स्त्री दर्पमद्यक्रीडायां त्रिपणं दण्डं दद्यात् । दिवा स्त्रीप्रेक्षाविहारगमने षट्पणो दण्डः । पुरुषप्रेक्षाविहारगमने द्वादशपणः । रात्रौ द्विगुणः । (२) सुप्तमत्तप्रव्रजने भर्तुरदाने च द्वारस्य द्वादशपणः । रात्रौ निष्कासने द्विगुणः । (३) स्त्रीपुंसयोर्मैथुनार्थेऽनङ्गविचेष्टायां रहोश्लीलसम्भाषायां वा चतुर्विंशतिपणः स्त्रिया दण्डः, पुंसो द्विगुणः । (४) केशनीवीदन्तनखावल्म्बनेषु पूर्वः साहसदण्डः, पुंसो द्विगुणः । (५) शङ्कितस्थाने सम्भाषायां च पणस्थाने शिफादण्डः । स्त्रीणां
करना चाहे तो, जो धन उसको स्त्री की ओर से मिला है उसे भी वह स्त्री को लौटा दे । यदि इसी कारण कोई स्त्री अपने पति से सम्बन्ध-विच्छेद करना चाहे तो पति से पाये हुए धन को वह पति को न लौटाये । किन्तु चार प्रकार के धर्म विवाहों में किसी भी दशा में तलाक नहीं हो सकता है । यहाँ तक पति-पत्नी के द्वेष-वैमनस्य पर विचार किया गया ।
( १ ) पति-पत्नी का अतिचार : मना किए जाने पर भी यदि कोई स्त्री दर्प-वश मद्यपान और विहार करे तो उस पर तीन पण, पति के मना करने पर यदि दिन में सिनेमा देखे तो छह पण और यदि किसी पुरुष के साथ सिनेमा देखे तो बारह पण जुर्माना किया जाय । यदि यही अपराध वह रात में करे तो उसको दुगुना दण्ड दिया जाय ।
( २ ) यदि कोई स्त्री सोते हुए या उन्मत्त हुए अपने पति को छोड़कर घर से बाहर चली जाय अथवा पति की इच्छा के विरुद्ध घर का दरवाजा बन्द कर दे तो उसको बारह पण दण्ड देना चाहिए । यदि कोई स्त्री अपने पति को रात में घर से बाहर कर दे तो उस स्त्री पर चौबीस पण का दण्ड किया जाय ।
( ३ ) परपुरुष या परस्त्री परस्पर मैथुन के लिए यदि इशारेबाजी करें या एकान्त में अश्लील बातचीत करें तो स्त्री पर चौबीस पण और पुरुष पर अड़तालीस पण का जुर्माना किया जाय ।
( ४ ) यदि वे परस्पर केश, तथा कमर पकड़े एक दूसरे को चूमें, दाँत काटें या नाखून गड़ावे तो इस अपराध में स्त्री को पूर्व साहस दण्ड और पुरुष को उससे दुगुना दण्ड दिया जाय ।
( ५ ) किसी संकेत स्थान में यदि वे परस्पर बातचीत करें तो आर्थिक दंड की जगह उन पर कोड़े लगाये जाँय । इस प्रकार की अपराधिनी स्त्री के किसी एक ही