भारतकोश
कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

Kautiliya Arthashastra with Hindi Commentary by Gairola

आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) / डॉ. वाचस्पति गैरोला द्वारा

DevanagariSanskritpublished918 पृष्ठ

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विषयपृष्ठ
६ : समाहर्त्ता का कर-संग्रह कार्य९९
७ : अक्षपटल में गाणनिक के कार्यों का निरूपण१०३
८ : अध्यक्षों द्वारा गबन किये गये धन की पुनः प्राप्ति१०९
९ : राजकीय उच्चाधिकारियों के चालचलन की परीक्षा११४
१० : शासनाधिकार११६
११ : कोष में रखने योग्य रत्नों की परीक्षा१२५
१२ : खान एवं खनिज पदार्थों की पहिचान और उनके विक्रय की व्यवस्था१३६
१३ : अक्षशाला में सुवर्णाध्यक्ष के कार्य१४३
१४ : राजकीय स्वर्णकारों के कर्तव्य१५०
१५ : कोष्ठागार का अध्यक्ष१५७
१६ : पण्य का अध्यक्ष१६४
१७ : कुप्य का अध्यक्ष१६७
१८ : आयुधागार का अध्यक्ष१७०
१९ : तौल और माप का अध्यक्ष१७४
२० : देश और काल का मान१८०
२१ : शुल्क का अध्यक्ष१८४
२२ : कर-वसूली के नियम१८९
२३ : सूत-व्यवसाय का अध्यक्ष१९२
२४ : कृषि-विभाग का अध्यक्ष१९५
२५ : आबकारी विभाग का अध्यक्ष२००
२६ : वध-स्थान का अध्यक्ष२०५
२७ : वेश्यालयों का अध्यक्ष२०७
२८ : नौकाध्यक्ष२१२
२९ : पशुविभाग का अध्यक्ष२१६
३० : अश्वविभाग का अध्यक्ष२२२
३१ : गजशाला का अध्यक्ष२२६
३२ : हाथियों की श्रेणियां तथा उनके कार्य२३२
३३ : रथसेना तथा पैदल-सेना के अध्यक्षों और सेनापति के कार्यों का निरूपण२३६
३४ : मुद्राविभाग और चारागाह विभाग के अध्यक्ष२३९
३५ : समाहर्त्ता और गुप्तचरों के कार्यों का निरूपण२४१
३६ : नागरिक के कार्य२४५