किरातार्जुनीयम् (घण्टापथ व सुधा टीका सहित)

किरातार्जुनीयम् (घण्टापथ व सुधा टीका सहित)
Kiratarjuniyam of Bharavi Hindi
महाकवि भारवि द्वारा
स्रोत: Kiratarjuniyam with Ghantapath & Sudha Hindi Commentary by Sheshraj Sharma (उद्गम)
DevanagariHindipublished707 पृष्ठ
पृष्ठ 686, कुल 707 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 686
किरातार्जुनीयव्याख्यायां प्रमाणत्वेन समुपन्यस्तानां ग्रन्थानां ग्रन्थकाराणां च नामानि ।
| ग्रन्थ / ग्रन्थकार | ग्रन्थ / ग्रन्थकार |
|---|---|
| अगस्त्यः १२।४० | मनुः १।१७, २।६, १४।६ इत्यादि |
| अमरः १।१, १।२, १।७, इत्यादि | माघः ५।३, ८।४९. |
| आगमः १।४६, ३।३७, ९।३ इत्यादि. | मातङ्गः ४।३३. |
| आलङ्कारिकाः १।१, १८।४८. | मार्तण्डः ८।१५. |
| कामन्दकः १।३१, २।६, २।१० इत्यादि | यादवः १।३४, ३।११, ७।४ इत्यादि. |
| काव्यप्रकाशः १।८, १।१२, १।३९ इ० | रघुवंशन् ८।४९. |
| काशिका १।३, १।६, २।११ इत्यादि. | रघुवंशसञ्जीविनी ११।७६. |
| केशवः २।२१, ८।२४, ९।११ इत्यादि | रसरत्नाकरः ९।७२. |
| कैयटः १।१, १।१०, ८।११ इत्यादि. | रसिकाः १२।४०. |
| क्षीरस्वामी १।९, १।२१, १०।३. | रामायणम् १।९. |
| गणव्याख्यानम् २।१७, २।३०, ३।६ | रुद्रटः ५।८. |
| दण्डी १।४६, ८।४४. | वाग्भटः ५।८. |
| दशरूपकम् ८।१३, ९।२६ ९।४५. | वात्स्यायनः ९।४७. |
| धन्वन्तरिः ४।२८. | वामनः २।२७, २।३७, ४।२४ इत्यादि. |
| नारदः १।१३. | विद्याधरः ४।३८. |
| निरुक्तम् ७।१०. | विश्वः १।८, १।९, १।२४ इत्यादि. |
| नीतिवाक्यामृतम् १।२, १।४, १।२६. इत्यादि. | वैजयन्ती १।१३, २।८, ४।३६ इत्यादि. |
| नृत्यविलासः ८।५३. | वैद्यकम् ५।११. |
| नैषधम् ८।४९. | व्यक्तिविवेकः ३।२१. |
| न्यायः १।२४, २।५. | शब्दार्णवः ८।३१. |
| न्यायोद्द्योतः २।१७. | शाकटायनः ३।३५. |
| पाण्डुकाव्यम् ७।८. | शाश्वतः २।२२, ३।५, ७।२७ इत्यादि. |
| पुराणम् २।२६. | सज्जनः १३।४५, १४।२७, १६।५९. |
| प्रकाशवर्ष ४।१०. | सर्वस्वकारः २।१८, ९।१५. |
| भारतम् ५।३०, १३।१०, १४।१०. | सामुद्रिकाः ६।१. |
| भाष्यकारः १।१, १।१०, ८।११ इत्यादि | स्मरणम् (स्मृतिः) १।१३, ६।२९ इत्या- |
| हलायुधः २।३, ४।१८, ७।१३. | |
| हैमः १।२९, ५।४९, १०।३. |