भारतकोश
कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)

कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)

Kumarasambhavam of Kalidasa with Hindi Commentary

महाकवि कालिदास / पं. सीताराम चतुर्वेदी द्वारा

DevanagariSanskritpublished268 पृष्ठ

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( १५१ ) णिच्+लङ् ) made them weep. Causal Imperfect of √रुद् । In this verse there is a reference to मूर्च्छावस्था ( the state of being unconscious ) or, according to others प्रलापावस्था ( i. e., singing in praise of one's beloved ). 56. CHANGE OF VOICE :—अनया पिनाकिनः चरिते उपात्त- वर्णे सबाष्पकण्ठस्खलितैः पदैः वनान्तसंगीतसख्यः किन्नरराज- कन्यकाः अरोद्यन्त ॥ ५६ ॥ HINDI TRANSLATION :—महादेव की वीरता के गीतो के गाने पर यह अश्रुसहित ( गद्गद ) कण्ठ से अस्पष्ट निकलने वाले शब्दों के द्वारा वन प्रदेश में साथ गाने वाली अपनी सहेलियों, किन्नर राजाओं की कन्याओं को बार बार रुलाती थी ॥ ५६ ॥ ENGLISH TRANSLATION :—She made ˙many a time the daughters of the Kinnara kings, her companions in the music ( sung ) in the woods, burst into tears, by her words, faltering in the throat choking with tears, while the exploits of the Pinaka-holder were being sung 56 PURPORT IN SANSKRIT :—शिवप्रीतिमग्ना पार्वती वन- प्रदेशेषु गत्वा शिवस्तुतिगीतान्यगायत् , परं मध्य एव शिवविषयक- भावेनाभिभूता गद्गदकण्ठाभूत् गातुञ्चासमर्था अश्रुपूर्णनेत्रावर्तत । तस्या इमां करुणां दशाञ्चावलोक्य किन्नराणां राजपुत्र्यस्तत्सख्योऽ- त्यन्तं अरोदिषुः ॥ ५६ ॥