महाभारत (खंड ५) - शान्ति पर्व

महाभारत (खंड ५) - शान्ति पर्व
Mahabharata (Vol 5) - Shanti Parva
महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा
DevanagariSanskritpublished2,450 पृष्ठ
पृष्ठ 590, कुल 2450 में से
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२. समतल जमीनके अंदर बना हुआ किला या तहखाना महीदुर्ग कहलाता है। ३. पर्वतशिखरपर बना हुआ वह किला जो चारों ओरसे उत्तुंग पर्वतमालाओंद्धारा घिरा हुआ हो, गिरिदुर्ग कहलाता है। ४. फौजी किलेका ही नाम मनुष्यदुर्ग है। ५. जिसके चारों ओर जलका घेरा हो, वह जलदुर्ग कहलाता है। ६. जो स्थान कटवाँसी आदिके घने जंगलसे घिरा हुआ हो, उसे वनदुर्ग कहा गया है।