महाभारत (खंड ६) - अनुशासन, आश्वमेधिक, आश्रमवासिक, मौसल, महाप्रस्थानिक, स्वर्गारोहण व हरिवंश पर्व
Mahabharata (Vol 6) - Anushasana to Harivamsa Parva
महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा
पृष्ठ 1381, कुल 2566 में से
संदर्भ में पढ़ेंपक्वाशयस्त्वधो नाभेरुर्ध्वमामाशयस्तथा । नाभिर्मध्ये शरीरस्य सर्वप्राणाश्च संश्रिताः ॥ स्थिताः प्राणादयः सर्वे तिर्यगूर्ध्वमधश्चराः । वहन्त्यन्नरसान् नाड्यो दशप्राणाग्निचोदिताः ॥ योगिनामेष मार्गस्तु पञ्चस्वेतेषु तिष्ठति । जितश्रमः समासीनो मूर्ध्न्यात्मानमादधेत् ॥ नाभिके नीचे पक्वाशय और ऊपर आमाशय है। शरीरके ठीक मध्यभागमें नाभि है और समस्त प्राण उसीका आश्रय लेकर स्थित हैं। समस्त प्राण आदि ऊपर-नीचे तथा अगल-बगलमें विचरनेवाले हैं। दस प्राणोंसे तथा अग्निसे प्रेरित हो नाड़ियाँ अन्नरसका वहन करती हैं। यह योगियोंका मार्ग है, जो पाँचों प्राणोंमें स्थित है। साधकको चाहिये कि श्रमको जीतकर आसनपर आसीन हो आत्माको ब्रह्मरन्ध्रमें स्थापित करे ।।
मूर्ध्न्यात्मानमाधाय भ्रुवोर्मध्ये मनस्तथा । संनिरुध्य ततः प्राणानात्मानं चिन्तयेत् परम् ॥ प्राणे त्वपानं युञ्जीत प्राणांश्चापानकर्मणि । प्राणापानगती रुद्ध्वा प्राणायामपरो भवेत् ॥ मूर्धामें आत्माको स्थापित करके दोनों भौंहोंके बीचमें मनका अवरोध करे। तत्पश्चात् प्राणको भलीभाँति रोककर परमात्माका चिन्तन करे। प्राणमें अपानका और अपान कर्ममें प्राणोंका योग करे। फिर प्राण और अपानकी गतिको अवरुद्ध करके प्राणायाममें तत्पर हो जाय ।।
एवमन्तः प्रयुञ्जीत पञ्च प्राणान् परस्परम् । विजने सम्मिताहारो मुनिस्तूष्णीं निरुच्छ्वसन् ॥ अश्रान्तश्चिन्तयेद् योगी उत्थाय च पुनः पुनः । तिष्ठन् गच्छन् स्वपन् वापि युञ्जीतैवमतन्द्रितः ॥ इस प्रकार एकान्त प्रदेशमें बैठकर मिताहारी मुनि अपने अन्तःकरणमें पाँचों प्राणोंका परस्पर योग करे और चुपचाप उच्छ्वासरहित हो बिना किसी थकावटके ध्यानमग्न रहे। योगी पुरुष बारंबार उठकर भी चलते, सोते या ठहरते हुए भी आलस्य छोड़कर योगाभ्यासमें ही लगा रहे ।।
एवं नियुञ्जतस्तस्य योगिनो युक्तचेतसः । प्रसीदति मनः क्षिप्रं प्रसन्ने दृश्यते परम् ॥ विधूम इव दीप्तोऽग्निरादित्य इव रश्मिमान् । वैद्युतोऽग्निरिवाकाशे पुरुषो दृश्यतेऽव्ययः ॥ इस प्रकार जिसका चित्त ध्यानमें लगा हुआ है, ऐसे योगाभ्यासपरायण योगीका मन शीघ्र ही प्रसन्न हो जाता है और मनके प्रसन्न होनेपर परमात्मतत्त्वका साक्षात्कार हो जाता