भारतकोश
मालतीमाधवम् (महाकवि भवभूति - शास्त्रीय शृंगार एवं तान्त्रिक प्रकरण नाटक सम्पूर्ण १० अङ्क)

मालतीमाधवम् (महाकवि भवभूति - शास्त्रीय शृंगार एवं तान्त्रिक प्रकरण नाटक सम्पूर्ण १० अङ्क)

Malatimadhavam of Mahakavi Bhavabhuti with Commentary

महाकवि भवभूति द्वारा

DevanagariHindipublished377 पृष्ठ

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तावताप्त्यतृप्तत्वाच्चैतन्यलक्षणं' -> 'तावताप्यतृप्तत्वाच्चैतन्यलक्षणं'? Look at: ता ता प्य तृ प्त त्वा च्चै न्य क्ष णं Wait, is it प्य or प्त्य? It is प्य (प + य): तावताप्यतृप्तत्वाच्चैतन्यलक्षणं.

Line 27: मुन्मूल्यामन्त्रन्नित्येवं नालिकेरफलसमाधिरुक्तेति व्याचक्षते । कीदृशैः कटाक्षैरै- Wait: 'मुन्मूल्यामन्त्रन्नित्येवं' or 'मुन्मूल्याभक्षयन्नित्येवं' or 'मुन्मूल्यामश्नन्नित्येवं'? Let's zoom in on line 27: मुन्मूल्या Then: Then: श्न with न्नि? Wait! Look at the coconut metaphor: "तदन्तःसारमुन्मूल्य भक्षयति" (L24). So here: "मूलमुन्मूल्या..." Is it मश्नन्नित्येवं (अश्नन् = eating)? Look at the letters: then with subscript ?

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