मार्क्सवाद और रामराज्य (स्वामी करपात्री जी महाराज - साम्यवाद समीक्षा एवं वैदिक समाज-दर्शन)
Marxvad aur Ramrajya of Swami Karpatri Maharaj
धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंदय-निःश्रेयसार्थ" Line 15: "बुद्धिमान् जन उसका सेवन करते हैं । अतः अरस्तू इत्यादिकोंका दर्शन बहुत" Wait: "अरस्तू" or "अरस्तू,"? There is a virama or comma under त्: "अरस्तू"? Wait, look at "अरस्तू" in Line 15: "अरस्तू" has 'अ', 'र', 'स्', 'त', 'ू' with a stroke below? Wait, in Line 2: "अरस्तूने" - 'अ' 'र' 'स' '्' 'त' 'ू' 'न' 'े'. In Line 15: 'अ' 'र' 'स्' 'त' 'ू' -> wait, it has a comma or halanta? "अरस्तू," or "अरस्तू"? It looks like a comma: "अरस्तू," or "अरस्तू"? Wait, look at line 15: "अरस्तू इत्यादिकोंका" - between अरस्तू and इत्यादिकोंका there is a space and a mark at baseline, like a comma: "अरस्तू, इत्यादिकोंका" or "अरस्तू इत्यादिकोंका". Line 16: "कुछ भारतीय आस्तिक दर्शनोंसे मिलता है ।"
* Paragraph 3:
Line 17: "उनके दर्शनका लक्ष्य सुखप्राप्तिके मार्गका ज्ञान ही है । सुख ही जीवनका"