मार्क्सवाद और रामराज्य (स्वामी करपात्री जी महाराज - साम्यवाद समीक्षा एवं वैदिक समाज-दर्शन)

मार्क्सवाद और रामराज्य (स्वामी करपात्री जी महाराज - साम्यवाद समीक्षा एवं वैदिक समाज-दर्शन)
Marxvad aur Ramrajya of Swami Karpatri Maharaj
धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा
DevanagariHindipublished866 पृष्ठ
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- ा + प + ् + र + क + ् + र + ि + य + ा + क + ो = क्रियाप्रक्रियाको. Wait, is it "क्रियाप्रक्रियाको" or "क्रियाप्रतिक्रियाको"? LOOK CLOSELY AT ! First word: क् + र + ि + य + ा = क्रिया Then: प + ् + र + क + ् + र + ि + य + ा = प्रक्रिया Wait, is there a 'ति' in it? Let's look: क ् र ि य ा प ् र [?] Wait! Between 'प्र' and 'क्रिया' is there a 'ति'? Look at the letter: It's 'प्र', then 'कि'? No, it's: क ् र ि य ा प ् र त ि ? No, look: It is: "क्रियाप्रक्रियाको" or "क्रियाप्रतिक्रियाको"? Wait! Look at the letters: 1: क्रि (kri) 2: या (ya) 3: प्र (pra) 4: क्रि (kri) 5: या (ya) 6: को (ko) Wait, is 4 'क्रि' or 'ति'? Look at letter 4: it has a loop on the left and a curve on the right, with a diagonal slash at the bottom left: that's 'क्र'! And an 'ि' matra on top: 'क्रि'!