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मार्क्सवाद और रामराज्य (स्वामी करपात्री जी महाराज - साम्यवाद समीक्षा एवं वैदिक समाज-दर्शन)

मार्क्सवाद और रामराज्य (स्वामी करपात्री जी महाराज - साम्यवाद समीक्षा एवं वैदिक समाज-दर्शन)

Marxvad aur Ramrajya of Swami Karpatri Maharaj

धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा

DevanagariHindipublished866 पृष्ठ

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पृष्ठ 736

सप्तम परिच्छेद ऐतिहासिक भौतिकवाद इतिहास क्या है ? मार्क्सके ऐतिहासिक भौतिकवादपर विचार करनेके पूर्व यह समझना आवश्यक है कि 'इतिहास' है क्या ? यूनानी भाषामें इतिहास (हिस्ट्री) का अर्थ जिज्ञासा होता है । मुसलमानोंमें शिक्षापूर्ण उच्च आदर्शका वर्णन ही इतिहास समझा जाता था । फ्रांसके प्रसिद्ध लेखक वाल्टेयरके अनुसार मनुष्यकी मानसिक शक्तिका वर्णन ही इतिहास है, छोटी-छोटी घटनाओंका वर्णन इतिहास नहीं । उसके अनुसार शासकोंका वर्णन भी इतिहास नहीं, किंतु 'मनुष्य जंगलीसे सभ्य कैसे हुआ', इस विकासका वर्णन ही इतिहास है । विज्ञान-वृद्धिसे विज्ञानका अनुसरण इतिहासमें भी होने लगा । प्राचीन शिलालेखों, दानपत्रों, मुद्राओं, खण्डहरोंद्वारा सत्यका अनुसंधान होने लगा । व्यूरी-जैसी प्रसिद्ध लेखिकाने कहा कि 'इतिहास एक विज्ञान है।' एक फ्रांसीसी लेखकका कहना है कि 'इतिहास शुद्ध विज्ञान है।' परंतु दूसरे लोग कहते हैं कि इतिहास कभी विज्ञान नहीं हो सकता । लेख-मुद्राओंके द्वारा भी सत्य घटनाओंका ज्ञान नहीं हो सकता । लेखोंमें परस्पर विरोध भी होता है । कुछ लोग 'इतिहास' को एक 'कला कहते हैं किंतु कलामें विशेषरूप देनेके लिये वस्तुकी कुछ काट-छाँट करनी पड़ती है, और ऐसा करनेमें सत्य अंश छिप जाता है । कुछ लोगोंका कहना है कि कला लेखन-शैलीमें होनी चाहिये । विज्ञान घटनाओंके अनुसंधानमें होना चाहिये । विश्वमें पशु-पक्षी, कीट-पतङ्ग भी हैं, उनका प्रभाव भी इतिहासपर पड़ता है । १४ वीं शतीमें युरोपमें प्लेगका भीषण प्रकोप हुआ था । उससे डेढ करोड़ मनुष्य मरे थे । इसके कारण वहाँ बड़ा भारी धार्मिक एवं राजनीतिक उथल- पुथल हुआ था । इन सबका कारण चूहे ही थे । हैजा आदि भी कीटाणुओंके ही परिणाम हैं । नेपोलियनकी अजेय सेना संग्रहणीके कीटाणुओंका शिकार बनकर रूसमें नष्ट-भ्रष्ट हो गयी थी । जंगल नष्ट होनेसे जमीनका कटाव बढ गया । प्रकृतिकी उथल-पुथलसे कितने ही साम्राज्य भूगर्भमें विलीन हो गये । कभी-कभी साधारण- साधारण घटनाओंसे ही इतिहासका कायापलट हो जाता है । फ्रांसकी क्रान्तिके दिनो वहाँका राजा लुई भाग निकला । रास्तेमें एक गाड़ी पड़ी होनेके कारण उसका मार्ग रुक गया । गाड़ी हटानेमें देर होते ही भीड़ एकत्रित हो गयी। राजा पहचाना गया और पकड़ लिया गया । यदि वह भागकर राज-भक्त सेनामें पहुँच गया होता तो क्या फ्रांसकी क्रान्ति सफल हो सकती थी ?

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