भारतकोश
मार्क्सवाद और रामराज्य (स्वामी करपात्री जी महाराज - साम्यवाद समीक्षा एवं वैदिक समाज-दर्शन)

मार्क्सवाद और रामराज्य (स्वामी करपात्री जी महाराज - साम्यवाद समीक्षा एवं वैदिक समाज-दर्शन)

Marxvad aur Ramrajya of Swami Karpatri Maharaj

धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा

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निषेधका निषेध है अथवा घटध्वंसका ध्वंस है, वह ध्वंस" Wait, look at "निषेध": it looks like "निषेध" or "निषेध"? It's "निषेध"! Wait, look at "ध्वंस": it has "ध्वंस".

Let's read every line carefully from top to bottom:

Title: मार्क्स दर्शन Page number: ५१३

नित्य ही भूतोंकी उत्पत्ति और प्रलय अलक्ष्य वेगवाले कालद्वारा होना रहता है। सूक्ष्म होनेके कारण वह प्रतीत नहीं होता। दीपादि अग्नि-ज्वालाओं, सरिताओं, फलो तथा वनस्पतियों एवं सभी भूतोंका वय एव अवस्थाओंके (Wait, "फलो" has no bindi? In L3: "फलो तथा वनस्पतियों एवं सभी भूतोंका वय एव अवस्थाओंके" - "फलो", "एव" has no anusvara or has? Look: "वय एव अवस्थाओंके" - it's "वय एव" or "वय एवं"? It looks like "वय एव"). अनुसार क्षण-क्षणपर उत्पत्ति और प्रलय होता रहता है। क्षण-परिवर्तनशील होनेपर भी 'यह वही दीप है, यह वही जल है, यह वही पुत्रादि है', इस प्रकारकी (Note: single quotes around 'यह वही दीप है, यह वही जल है, यह वही पुत्रादि है') [L6