भारतकोश
मत्स्य महापुराण

मत्स्य महापुराण

Matsya Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

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  • अध्याय १७९ * ७३९
संस्कृत श्लोकहिन्दी सूची
बला चातिबला रक्ता सुरभी मुखमण्डिका।<br>मातृनन्दा सुनन्दा च बिडाली शकुनी तथा ॥ १२बला, अतिबला, रक्ता, सुरभी, मुखमण्डिका, मातृनन्दा, सुनन्दा, बिडाली, शकुनी, रेवती, महारक्ता, पिलपिच्छिका,
रेवती च महारक्ता तथैव पिलपिच्छिका।<br>जया च विजया चैव जयन्ती चापराजिता ॥ १३जया, विजया, जयन्ती, अपराजिता, काली, महाकाली, दूती, सुभगा, दुर्भगा, कराली, नन्दिनी, अदिति, दिति,
काली चैव महाकाली दूती चैव तथैव च।<br>सुभगा दुर्भगा चैव कराली नन्दिनी तथा ॥ १४मारी, मृत्यु, कर्णमोटी, ग्राम्या, उलूकी, घटोदरी, कपाली, वज्रहस्ता, पिशाची, राक्षसी, भुशुण्डी, शांकरी, चण्डा,
अदितिश्च दितिश्चैव मारी वै मृत्युरेव च।<br>कर्णमोटी तथा ग्राम्या उलूकी च घटोदरी ॥ १५लाङ्गली, कुटभी, खेटा, सुलोचना, धूम्रा, एकवीरा, करालिनी, विशालदंष्ट्रिणी, श्यामा, त्रिजटी, कुकुटी, वैनायकी, वैताली,
कपाली वज्रहस्ता च पिशाची राक्षसी तथा।<br>भुशुण्डी शाङ्करी चण्डा लाङ्गली कुटभी तथा ॥ १६उन्मत्तोदुम्बरी, सिद्धि, लेलिहाना, केकरी, गर्दभी, भुकुटी, बहुपुत्री, प्रेतयाना, बिडम्बिनी, क्रौञ्चा, शैलमुखी, विनता,
खेटा सुलोचना धूम्रा एकवीरा करालिनी।<br>विशालदंष्ट्रिणी श्यामा त्रिजटी कुक्कुटी तथा ॥ १७सुरसा, दनु, उषा, रम्भा, मेनका, सलिला, चित्ररूपिणी, स्वाहा, स्वधा, वषट्कारा, धृति, ज्येष्ठा, कपर्दिनी, माया,
वैनायकी च वैताली उन्मत्तोदुम्बरी तथा।<br>सिद्धिश्च लेलिहाना च केकरी गर्दभी तथा ॥ १८विचित्ररूपा, कामरूपा, संगमा, मुखेविला, मङ्गला, महानासा, महामुखी, कुमारी, रोचना, भीमा, सदाहा, मदोद्धता, अलम्बाक्षी,
भुकुटी बहुपुत्री च प्रेतयाना विडम्बिनी।<br>क्रौञ्चा शैलमुखी चैव विनता सुरसा दनुः ॥ १९कालपर्णी, कुम्भकर्णी, महासुरी, केशिनी, शंखिनी, लम्बा, पिंगला, लोहितामुखी, घण्टारवा, दंष्ट्रला, रोचना, काकजंघिका,
उषा रम्भा मेनका च ललिता चित्ररूपिणी।<br>स्वाहा स्वधा वषट्कारा धृतिर्ज्येष्ठा कपर्दिनी ॥ २०गोकर्णिका, अजमुखिका, महाग्रीवा, महामुखी, उल्कामुखी, धूमशिखा, कम्पिनी, परिकम्पिनी, मोहना, कम्पना, श्वेला,
माया विचित्ररूपा च कामरूपा च सङ्गमा।<br>मुखेविला मङ्गला च महानासा महामुखी ॥ २१निर्भया, बाहुशालिनी, सर्पकर्णी, एकाक्षी, विशोका, नन्दिनी, ज्योत्स्नामुखी, रभसा, निकुम्भा, रक्तकम्पना,
कुमारी रोचना भीमा सदाहा सा मदोद्धता।<br>अलम्बाक्षी कालपर्णी कुम्भकर्णी महासुरी ॥ २२अविकारा, महाचित्रा, चन्द्रसेना, मनोरमा, अदर्शना, हरत्पापा, मातंगी, लम्बमेखला, अबाला, वञ्चना, काली, प्रमोदा,
केशिनी शङ्खिनी लम्बा पिङ्गला लोहितामुखी।<br>घण्टारवाथ दंष्ट्राला रोचना काकजङ्घिका ॥ २३लाङ्गलावती, चित्ता, चित्तजला, कोणा, शान्तिका, अघविनाशिनी, लम्बस्तनी, लम्बसटा, विसटा, वासचूर्णिनी,
गोकर्णिकाजमुखिका महाग्रीवा महामुखी।<br>उल्कामुखी धूमशिखा कम्पिनी परिकम्पिनी ॥ २४
मोहना कम्पना श्वेला निर्भया बाहुशालिनी।<br>सर्पकर्णी तथैकाक्षी विशोका नन्दिनी तथा ॥ २५
ज्योत्स्नामुखी च रभसा निकुम्भा रक्तकम्पना।<br>अविकारा महाचित्रा चन्द्रसेना मनोरमा ॥ २६
अदर्शना हरत्पापा मातङ्गी लम्बमेखला।<br>अबाला वञ्चना काली प्रमोदा लाङ्गलावती ॥ २७
चित्ता चित्तजला कोणा शान्तिकाघविनाशिनी।<br>लम्बस्तनी लम्बसटा विसटा वासचूर्णिनी ॥ २८