भारतकोश
मयमतम् (मय मुनि प्रणीत वास्तुशास्त्र - डॉ. शैलजा पाण्डेय सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

मयमतम् (मय मुनि प्रणीत वास्तुशास्त्र - डॉ. शैलजा पाण्डेय सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Mayamatam of Maya Muni with Hindi Commentary by Shailaja Pandey

मय मुनि (टीकाकार: डॉ. शैलजा पाण्डेय) द्वारा

DevanagariHindipublished395 पृष्ठ

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१०० मयमतम् युक्त्या यथोदितमजाद्यमरेश्वराणां नृणां तथैव कथितं हि मया पुराणैः ॥२७॥ इति मयमते वास्तुशास्त्रे भूलम्बविधानो नामैकादशोऽध्यायः मैंने ( मय ऋषि ने ) विभिन्न ऊँचाई वाले एवं विस्तार वाले अत्यन्त छोटे, मध्यम एवं बड़े भवनों का वर्णन प्राचीन विद्वानों के मतानुसार किया। इस प्रकार यह ब्रह्मा आदि देवों एवं मनुष्यों के भवनों का वर्णन नियमानुसार किया गया।।२७।। व्याख्यात्मक टिप्पणी भूलम्ब-विधान ( श्लोक-१-२ ) मानसार ( ११ अ. ), ईशानशिवगुरुदेवपद्धति ( क्रिया-३०.५०-५३ ), अपराजितपृच्छा ( १२ ) में एक से बारह भूमियों की चर्चा प्राप्त होती है।