भारतकोश
मयमतम् (मय मुनि प्रणीत वास्तुशास्त्र - डॉ. शैलजा पाण्डेय सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

मयमतम् (मय मुनि प्रणीत वास्तुशास्त्र - डॉ. शैलजा पाण्डेय सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Mayamatam of Maya Muni with Hindi Commentary by Shailaja Pandey

मय मुनि (टीकाकार: डॉ. शैलजा पाण्डेय) द्वारा

DevanagariHindipublished395 पृष्ठ

पृष्ठ 201, कुल 395 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 201

षोडशोऽध्यायः 卐 प्रस्तरकरणम् १७७ २. उत्तर (श्लोक २-३) स्तम्भ के उत्तर रक्खे जाने वाले फलक अथवा फलकों की संज्ञा उत्तर होती है। ये तीन प्रकार के खण्डोत्तर, पत्रोत्तर एवं रूपोत्तर होते हैं। इनमें खण्डोत्तर का विस्तार एवं ऊँचाई स्तम्भ की चौड़ाई के बराबर, पत्रोत्तर ऊँचाई में विस्तार से चतुर्थांश न्यून तथा रूपोत्तर ऊँचाई में विस्तार से आधा होता है। अन्य वास्तुग्रन्थों में इनका वर्णन इस प्रकार प्राप्त होता है— (क) खण्डोत्तरं चरणविस्तृतितुल्यविस्तारोत्सेधमुत्तममतश्चरणोनतीव्रम्। पत्रोत्तरं दलविहीनघनं कनिष्ठंरूपोत्तरं घनतती विपरीततो वा।। (तन्त्रसमुच्चय-२.४४) यही श्लोक शिल्परत्न (पूर्वभाग-२९.१) में भी प्राप्त होता है। (ख) उत्तरं विन्यसेदूर्ध्वं तच्चापि त्रिविधं मतम्। खण्डोत्तरं पत्रबन्धं ततो रूपोत्तरं भवेत्।। स्तम्भविस्तारविस्तीर्णमुन्नतं चाङ्घ्रिजातिजम्। खण्डोत्तरं स्यादेतस्मात् पादोनं पत्रबन्धकम्।। स्तम्भव्याससमोत्सेधमुत्सेधार्धेन विस्तृतम्। विपरीतं तु वा नीचं रूपोत्तरमिदं भवेत्।। (ईशानशिवगुरुदेवपद्धति, क्रियापाद, (४) उत्तरार्ध-३१.७५-७७) (ग) स्तम्भाधरस्तारभेदप्रकथनविधिनैवोत्तराणां च तारं स्वाभीष्टं कल्पयेद् वा वसुवसुयुगलाकोर्मिरव्याङ्गुलेर्वा। श्रेष्ठं खण्डोत्तरं तद्विततिसमघनं मध्यमं पत्रसंज्ञं पादोनोच्चं कनिष्ठं विततिदलघनं तत्तु रूपोत्तराख्यम्।। उत्तरविस्तारघने व्यत्यस्यापि प्रकल्पयेत् क्वापि। तत्र तु चूलीति मता तस्यामेवार्पयेत् लुपाः।। (मनुष्यालयचन्द्रिका-५.३१-३२) ३. वाजन (श्लोक-५-६) स्तम्भ के उत्तर संज्ञक फलक के ऊपर वाजन की संरचना होती है, जो प्रायः रूपोत्तर के ऊपर होता है। रूपोत्तर के पाँच भाग करने पर दो भाग के बराबर वाजन होता है। इसके छः भाग करने पर एक भाग से अल्प वाजन एवं दो भाग से महावाजन का निर्माण होता है। अन्यत्र इसके सन्दर्भ इस प्रकार प्राप्त होते हैं— मय०-१२

मयमतम् (मय मुनि प्रणीत वास्तुशास्त्र - डॉ. शैलजा पाण्डेय सविस्तार हिन्दी व्याख्या) · पृष्ठ 201, कुल 395 में से · BharatKosha