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मयमतम् (मय मुनि प्रणीत वास्तुशास्त्र - डॉ. शैलजा पाण्डेय सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

मयमतम् (मय मुनि प्रणीत वास्तुशास्त्र - डॉ. शैलजा पाण्डेय सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Mayamatam of Maya Muni with Hindi Commentary by Shailaja Pandey

मय मुनि (टीकाकार: डॉ. शैलजा पाण्डेय) द्वारा

DevanagariHindipublished395 पृष्ठ

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२६६ मयमतम् वेदास्रं दीर्घवेदास्रं वृत्तं चेति त्रियोनिकम्। चतुर्विधं प्रकारैः स्यात्त्रिखण्डं शङ्खमण्डलम्।।१०६।। अर्धगोमूत्रकं चाथ वल्लीमण्डलमित्यपि। त्रिखण्डाकारं रचितं यत्सोपानं त्रिखण्डकम्।।१०७।। इनकी आकृतियों का वर्णन भी शिल्परत्न में प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त ईशानशिवगुरुदेवपद्धति, क्रियापाद में भी सोपान का वर्णन प्राप्त होता है।

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