भारतकोश
मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

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१३८ मीराँ-बृहद्-पद-संग्रह ७ रे सांवलिया म्हारे आज रगीली गणगोर छै जी । काली पीली बादली मे बिजली चमके, मेघ घटा घनघोर छै जी । दादुर मोर पपीहा बोले, कोयल कर रही शोर छै जी । आप रंगीली, सेज रंगीली, और रगीली सारो साथ छै जी । मीराँ के प्रभु गिरिधर नागर, चरना मै म्हांरो जोर छै जी । ॥२२१॥† गणगोर (शिवपार्वती) का उत्सव मनाने की अभिव्यक्ति के कारण पद की प्रामाणिकता विशेष संदिग्ध है। विस्तृत विवेचना के लिये देखे, ‘मीरा, एक अध्ययन’ आलोचना खड । ८ म्हाके जी गिरधारी, थासूं म्हे बोले। थे तो म्हौरा जनम जनम रा सगी, थारे लारे लारे१ सग मे डोले हो। आदि तन मन धन मेरे, आनन्द करा कलोले२। मीराँ के प्रभु गिरधर नागर, आन मिल्यो अनमोले ॥२२२॥† पदाभिव्यक्ति अर्थहीन है। १ पीछे-पीछे, २ कल्लोल।