मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१७ रूपेण प्रक्षिप्त कहा जा सकता है। गुजराती मे प्राप्त अधिकांश पदं भी भाव और भाषा के आधार पर प्रामाणिक नही प्रतीत होते हैं। राजस्थानी और ब्रज मिश्रित राजस्थानी मे प्राप्त अधिकांश पदो मे पूर्वापर सबंध का और अर्थ-सगति का सर्वथा अभाव है। अस्तु, ऐसे अधिकांश पदो को तो प्राप्त रूप मे प्रामाणिक मान लेना सगत नही सिद्ध होता। वैष्णव परम्परा से प्रभावित अन्य पदो पर पौराणिक गाथाओ का का विशेष प्रभाव दृष्टिगोचर होता है। वियोगाभिव्यक्ति द्योतक पदो के बाद सर्वाधिक सख्या इन्ही पदो की हे। इनमे भी बहुसख्यक पद राधा- कृष्ण की प्रेम-लीला और बाँसुरी-वर्णन के ही हैं। इसी वर्ग के पद सर्वाधिक विभिन्न प्रान्तीय बोलियो मे भी प्राप्त है। राजस्थानी, ब्रज मिश्रित राजस्थानी, ब्रज, गुजराती, अवधी, भोजपुरी आदि बोलियाँ इन पदो की भाषा है। निर्वेदाभिव्यक्ति द्योतक पदो की तरह ही इन मे भी अधिकांश मे पूर्वापर सबंध और अर्थ-सगति का अभाव है। अत बहुत सम्भव है कि इनमे से अधिकांश पद प्रामाणिक न हो। 'मीर माधो', 'रैदास' आदि अन्य भक्त कवियो के पद भी मीराँ के नाम पर चल पडे है। सर्वाधिक सख्या मे 'चन्द्रसखी' के पद ही मीराँ के पदो से मिल कर मीराँ के ही नाम पर चल पडे हे। राजस्थान के इस जन-प्रिय कवि का साहित्य और वृतान्त दोनो ही गहरे अन्धकार मे है। मीराँ के पदो की तरह इनके सकलन का भी एकमात्र आधार लोक-गीत ही है। लोक-गीतो की यह परम्परा भी बडे वेग से लुप्त हो रही है। अत समय रहते ही सकलन हो जाने की अत्यधिक आवश्यकता है। प्रस्तुत सग्रह को तय्यार करने के प्रसग मे ही 'चन्द्रसखी' के कुछ पदो को सकलित करने का सुअवसर प्राप्त हुआ। ये लगभग सौ पद हैं। इन प्राप्त पदो से 'चन्द्रसखी' के व्यक्तित्व या जीवन-वृतान्त पर कोई प्रकाश नही पडता। ऐसी भी एक मान्यता है कि सम्भवत मीराँ ने ही इस उपनाम से रचना की परन्तु ऐसी मान्यता का कोई आधार नही। 'चन्द्रसखी' नामक यह भक्त कौन थे और कब हुए थे यह जानने का कोई भी सूत्र अद्यावधि उपलब्ध नही। इनकी प्रामाणिक रचनाओ को भी छाँट लेने का भी कोई आधार नही। जो भी हो, प्राप्त पदो के आधार पर इतना तो निश्चित- रूपेण ही कहा जा सकता है कि 'चन्द्रसखी' और मीराँ के कुछ पदो मे भाव और भाषा का गहरा साम्य है। इतना ही नही, कुछ पद तो एक दूसरे