मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंवैष्णव-प्रभाव द्योतक पद २२५ हाँ रे मोतियन माल थी मोहिये रे। हाँ रे चन्द्र बदन अनियाली आँखो। हाँ रे मुखड़ो सुन्दर सोहिये रे। हाँ रे रूमझूम रूमझूम नूपूर बाजे। हाँ रे मन मोहियो मारू मोर लिये रे। हाँ रे मीराँ बाई कहे रे गिरधर नागर। हाँ रे अगो अंग जाई मलिये रे ॥३७६॥† उपर्युक्त पद गुजराती गरबा गीतों की तर्ज पर है। ८ सोकल डानूं साल भरि भोटूँ हो जीरे घरमाँ सो कलडानूं साल मोरे। हेमो ने हमारे मइयर बनावो वोला, हवे रहेवानूं म्हाने खोटु। कुबेरे पडीसुँ अभो वखडोर पीसूं, हावे जीवा ने आल सिर चोटु। सासु हठीली ननद ढगारी वाला, नाना दिये रर्युं मे यूँ मोटु। मीराँ के प्रभु गिरधर नागर वाला, चरण कमल चितने ओठु ॥३७७॥† ९ लेताँ लेताँ राम नाम रे, लोकड़याँ तो लाज मरे छे। हरि मन्दिर जाता पाव लिया रे दूखे, फिरि आवे सारो गाम रे। झगडो थाय त्यॉ दौड़ी ने जाय रे, मुकी ने घर ना काम रे। भाड गवैया गाने का नृत्य करताँ, बेसी रहे चारे जाम रे। मीराँ के प्रभु गिरधर नागर, चरण कमल चित हाम रे ॥३७८॥† १० हाँ रे मै तो की धी छै ठाकोर थाली रे, पधारो बनमाली रे वनमाली। प्रभु कंगाल तोरी दासी, हाँ रे प्रभु प्रेमना छो तमे प्यासी, दासी नी पूरजो आशी। प्रभु साकर द्राख खजूरी, माँहे न थी बासुरी के पुरी, मारे सासु नन्दनी सूली। १५