मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें५ मीराँ तो जन्मी मेरता सजनी म्हांरी हे । आन लियो ओतार¹ पिय म्हांरो गिरधारी । और सहेली पूजे गोरजा सजनी म्हारी हे । थे बी पूजो गोर पिय म्हांरो गिरधारी । और तो पूजे गोरजा हे सजनी म्हांरी हे । म्हे म्हाको सालिगराम पिय म्हारो गिरधारी । परोहित उरे² बुलाय के हे सजनी म्हारी हे । मीराँ की लगन लिखाय पिय म्हांरो गिरधारी । पिरोहित बैसो बिच जाय के हे सजनी म्हारी हे । पौच्यो छै गढ चित्तौर हे पिय म्हांरो गिरधारी । गेली भई मीरा बावली सजनी म्हांरी हे । अकल कुमारी³ बारी बसै पिय म्हारो गिरधारी । कागद मीरां मोकल्या हे सजनी म्हांरी हे । थारी खुसी परै तो राणा आव पिय म्हारो गिरधारी । हाथी सिधारे राणा सात सै सजनी म्हारी हे । घुरला वार न पार पिय म्हांरो गिरधारी । नेजे तो आवे चमकता म्हांरी सजनी हे । उडती आवे छै खेह पिया म्हांरो गिरधारी । काकड⁴ आयो राणा राजई सजनी म्हांरी हे । काकड करहा⁵ झुकाय पिय म्हांरो गिरधारी । आय पहुच्यो राणा मेडते सजनी म्हारी हे । बाजे बहोत बजाय पिय म्हारो गिरधारी । बागा तो आया राणा राई सजनी म्हारी हे । तबुवा दिये है तनाय पिय म्हांरो गिरधारी ।
१ अवतार, २ यहाँ, ३ अखड कुमारी, ४ सरहद्द, ५ सरहद ने अपने शिखर झुका दिये, अर्थात सरहद के लोगो ने बारात सजाकर आते हुए राणा का विशेष स्वागत किया । *