भारतकोश
मृच्छकटिकम् (सटीक संस्कृत नाटक)

मृच्छकटिकम् (सटीक संस्कृत नाटक)

Mricchakatikam with Sanskrit-Hindi Commentary

महाराज शूद्रक / पं. जयशंकर लाल त्रिपाठी द्वारा

DevanagariSanskritpublished760 पृष्ठ

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नवमोऽङ्कः ५५१

भो भावरेभिल ! किं णिमित्तं तुमं उव्विग्गो उव्विग्गो विअ लक्खीअसि ? (आकर्ण्य) किं भणासि ? 'पिअवअस्सो चारुदत्तो अधिअरणमण्डवे सद्वाइदो त्ति ?।' ता णहु अप्पेण कज्जेण होदव्वं । (विचिन्त्य) ता पच्छा वसन्तसेणासआसं गमिस्सं । अधिअरणमण्डवं दाव गमिस्सं । (परिक्रम्यावलोक्य च) इदं अधिअरणमण्डवं, ता जाव पविसासि । (प्रविश्य) सुहं अधिअरणभोइआणं ? कहिं मम पिअवअस्सो ? (प्रेषितोऽस्मि आर्यचारुदत्तेन वसन्तसेनासकाशम्, तस्मिन्नलङ्करणानि गृहीत्वा, यथा—'आर्यमैत्रेय ! वसन्तसेनया वत्सो रोहसेन आत्मनोऽलङ्कारेणालंकृत्य जननीसकाशं प्रेषितः, अस्या आभरणं दातव्यम् न पुनर्गृहीतव्यम् तत् समर्पये'ति । तद्यावत् वसन्तसेनासकाशमेव गच्छामि ।) (कथं भावरेभिलः ? भो भाव रेभिल ! किं निमित्तं त्वमुद्विग्न उद्विग्न इव लक्ष्यसे ? किं भणसि ? प्रियवयस्यश्चारुदत्तः अधिकरणमण्डपे शब्दायित इति । तत् न खलु अल्पेन कार्येण भवितव्यम् । तत् पश्चात् वसन्तसेनासकाशं गमिष्यामि । अधिकरणमण्डपं तावत् गमिष्यामि । अयमधिकरणमण्डपः, तद्यावत् प्रविशामि ।) (सुखमधिकरणभोजकानाम् ? कस्मिन् मम प्रियवयस्यः ? )

अधिकरजिकः—नन्वेष तिष्ठति ।
विदूषकः—वअस्स ! सोत्थि दे ? (वयस्य ! स्वस्ति ते ? )
चारुदत्तः—भविष्यति ।
विदूषकः--अवि क्खेमं दे ? । (अपि क्षेमं ते ? )


वत्स रोहसेन को अपने गहनों से सजाकर उसको माता (धूता) के पास भेजा गया था, इस (वसन्तसेना) को गहने देने चाहिये न कि लेने चाहिये, अतः इसे वापस दे दो।' अतः अब वसन्तसेना के पास जाता हूँ। (चलकर और देखकर आकाश की ओर) क्या भाव रेभिल ? हे मित्र रेभिल ? किस कारण तुम बहुत परेशान से दिखाई दे रहे हो ? (सुनकर) क्या कह रहे ह — 'प्रिय मित्र आर्य चारुदत्त को न्यायालय में बुलाया गया है।' तो यहाँ निश्चित ही कोई बड़ा कारण होना चाहिए । (सोचकर) तो वसन्तसेना के पास बाद में जाऊँगा । पहले न्यायालय चलता हूँ। (घूमकर और देख कर) तो यह न्यायालय है। अतः इसमें प्रवेश करता हूँ। (प्रवेश करके) माननीय न्यायाधिकारियों का कल्याण हो। मेरे प्रिय मित्र चारुदत्त कहाँ है ?

अधिकरणिक—ये बैठे हुये हैं।
विदूषक—मित्र ! तुम्हारा कल्याण है ?
चारुदत्त—होगा ।
विदूषक—आप का कुशल तो है ?