मुद्राराक्षसम् (विशाखदत्त - भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हिन्दी अनुवाद)

मुद्राराक्षसम् (विशाखदत्त - भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हिन्दी अनुवाद)
Mudrarakshasam of Vishakhadatta Hindi
विशाखदत्त (अनुवादक: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र) द्वारा
स्रोत: Mudrarakshas Drama translated into Hindi by Bharatendu Harishchandra (1925) (उद्गम)
DevanagariHindipublished173 पृष्ठ
पृष्ठ 26, कुल 173 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 26
प्रस्तावना। ३१
(अहि चन्द्र पूरन भए फिर से घटता है)
(नेपथ्य मे)
हैं ! मेरे जीते चन्द्र को कौन बल से ग्रस सकता है ?
सूत्र० — (सुन कर) जाना।
अरे अहै कौटिल्य ५
नटी ।— (डर नाट्य करती है)
सूत्र० ।— दुष्ट टेढ़ी मतिवारो।
नन्दवंश जिन सहजहि निज क्रोधानल जारो ॥
चन्द्रग्रहण को नाम सुनत निज नृप को मानी ।
इतही आवत चन्द्रगुप्त पै कछु भय जानी ॥ ८ ॥ १०
तो अब चलो हम लोग चलैं।
(दोनों जाते हैं)
इति प्रस्तावना।
—.*.—