मुहूर्त चिन्तामणि (दैवज्ञ राम - षोडश संस्कार, यात्रा, वास्तु व गृह-प्रवेश मुहूर्त सटीक)
Muhurta Chintamani of Daivajna Rama with Commentary
दैवज्ञ राम (टीकाकार: पं. केदारदत्त जोशी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंयात्राप्रकरण १६५
पण्डितों को चाहिए कि जिनके जन्मकालिक शुभाशुभ राजयोगादि जाने गये हों उन राजाओं को, और जिनका जन्मकाल न जाना गया हो, प्रश्नकालिक लग्न वा शकुनादि द्वारा उनके शुभाशुभ राजयोगादि को जानकर उन राजाओं को भी यदि बताने के योग्य हो तो यात्रा करने के योग्य दिन बतावे । यहाँ राजाओं के सिवा साधारण अन्य मनुष्य भी ग्रहण किये जाते हैं; क्योंकि यात्रा के बिना किसी का काम नहीं चल सकता इसलिए राजा से लेकर साधारण मनुष्य तक सब यात्रा करने के अधिकारी हैं ॥ १ ॥ प्रश्नकालिक शुभ यात्रायोग जननराशितनू यदि लग्नगे तदधिपौ यदि वा तत एव वा । त्रिरिपुखायगृहं यदि वोदये विजय एव भवेद्वसुधापतेः ॥ २ ॥ रिपुजन्मलग्नभमथाधिपौ तयोस्ततएववोपचयसद्म चेद् भवेत् । हिबुके द्यूनेऽथ शुभवर्गकस्तनौ यदि मस्तकोदयगृहं तदा जयः ॥ ३ ॥ यदि पृच्छतनौ वसुधा रुचिरा शुभवस्तु यदि श्रुतिदर्शनगम् । यदि पृच्छति चादरतश्च शुभग्रहदृष्टयुतं चरलग्नमपि ॥ ४ ॥ अन्वयः—यदि जननराशितनू लग्नगे, यदि वा तदधिपौ, वा तत एव त्रिरिपुखायगृहं यदि वा उदयेः तदा वसुधापतेः विजय एव भवेत् । रिपुजन्मलग्नभं अथवा तयोः अधिपौ, वा ततः एव उपचयसद्म चेत् हिबुके द्यूने भवेत् तदा वसुधापतेः जयः, अथ यदि तनौ शुभवर्गकः वा मस्तकोदयगृहं तदा जयः स्यात् यदि पृच्छतनौ वसुधा रुचिरा, यदि (वा) शुभवस्तु श्रुतिदर्शनगं (भवेत्) च (तथा) यदि आदरतः पृच्छति अपि (वा) शुभग्रहदृष्टयुतं चरलग्नं यदि स्यात् तदा जयः स्यात् ॥ २-४ ॥ जिसकी जन्मराशि या जन्मलग्न प्रश्नलग्न में हो, अथवा जन्मराशि का स्वामी या जन्मलग्न का स्वामी प्रश्नलग्न में हो, अथवा जन्मराशि से या जन्मलग्न से तीसरे, छठे, दशवें, गेरहवें स्थान में प्रश्नलग्न पड़ती हो तो यात्रा करनेवाले राजा की विजय अवश्य हो ॥ २ ॥ अथवा जिसके शत्रु की जन्मराशि या जन्मलग्न, प्रश्नलग्न से चौथे या सातवें स्थान में हो, अथवा शत्रु की जन्मराशि का स्वामी या जन्मलग्न का स्वामी प्रश्न- लग्न से चौथे या सातवें स्थान में हो, अथवा शत्रु की जन्मराशि से या जन्मलग्न से तीसरी, छठी, दशवीं, गेरहवीं राशि, प्रश्नलग्न से चौथे या सातवें स्थान में पड़ती हो, अथवा शुभग्रह का गृह, होरा, द्रेष्काण, नवां- शादि षड्वर्ग प्रश्नलग्न में हो, अथवा मिथुन, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक,