मुहूर्त चिन्तामणि (दैवज्ञ राम - षोडश संस्कार, यात्रा, वास्तु व गृह-प्रवेश मुहूर्त सटीक)
Muhurta Chintamani of Daivajna Rama with Commentary
दैवज्ञ राम (टीकाकार: पं. केदारदत्त जोशी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंगणेशादि की पूजा, Wait, is it "गणेशादि"? "मङ्गल अर्थात् गणेशादि की पूजा," -> Yes.
पौष्टिक अर्थात् पुष्टिकामना से कोई पुरश्चरणादि और मूलशान्ति आदि करना शुभ है । बृहस्पति, शुक्रास्तादि और केतूदयादि उत्पात के समय को Wait, space before danda? "करना शुभ है।" - no space before danda.
छोड़कर उक्त मुहूर्त्त मिले तो बहुत उत्तम है, अन्यथा कैसा ही समय हो, शान्त्यादि करने में कुछ दोष नहीं है ॥ ३४ ॥ होमाहुतिमुहूर्त्त सूर्यभात्तित्रिभे चान्द्रे सूर्यविच्छुक्रपङ्गवः । चन्द्रारेज्यागुशिखिनो नेष्टा होमाहुतिः खले ॥ ३५ ॥ अन्वयः—सूर्यभात् त्रित्रिभे चान्द्रे [चान्द्रर्क्षे] सूर्यविच्छुकपङ्गवः चन्द्रारेज्यागुशिखिनः Wait, does it have colon after अन्वय? "अन्वयः—" (visarga + em-dash). Then: "(स्युः) खले होमाहुतिः नेष्टा (भवति) ॥ ३५ ॥" सूर्य जिस नक्षत्र में स्थित हो उससे तीन-तीन नक्षत्रों का एक