भारतकोश
मुहूर्त चिन्तामणि (दैवज्ञ राम - षोडश संस्कार, यात्रा, वास्तु व गृह-प्रवेश मुहूर्त सटीक)

मुहूर्त चिन्तामणि (दैवज्ञ राम - षोडश संस्कार, यात्रा, वास्तु व गृह-प्रवेश मुहूर्त सटीक)

Muhurta Chintamani of Daivajna Rama with Commentary

दैवज्ञ राम (टीकाकार: पं. केदारदत्त जोशी) द्वारा

DevanagariHindipublished207 पृष्ठ

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संस्कारप्रकरण ७५ श्रवण, धनिष्ठा, शतभिष, चित्रा, अनुराधा, मृगशिरा, रेवती, अश्विनी पुष्य, हस्त, रोहिणी, तीनों उत्तरा, स्वाती इन नक्षत्रों में प्रथम रजोदर्शन हो तो शुभ; मूल, पुनर्वसु, मघा, विशाखा, कृत्तिका इन नक्षत्रों में मध्यम और भरणी, ज्येष्ठा, आर्द्रा, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, इन नक्षत्रों में अशुभ होता है। श्वेत वस्त्र पहिने हुई स्त्री के प्रथम रजोदर्शन हो तो शुभदायक होता है ॥ २ ॥ निन्दित प्रथम रजोदर्शन भद्रानिद्रासंक्रमे दर्शरिक्तासंध्याषष्ठीद्वादशीवैधृतेषु । रोगेऽष्टम्यां चन्द्रसूर्योपरागे पाते चाद्यं नो रजोदर्शनं सत् ॥ ३ ॥ अन्वयः—भद्रानिद्रासंक्रमे दर्शरिक्तासन्ध्याषष्ठीद्वादशीवैधृतेषु, रोगे, अष्टम्यां, चन्द्रसूर्योपरागे, पाते च आद्यं रजोदर्शनं नो सत् ॥ ३ ॥ भद्रा में, सोते समय, संक्रान्तिकाल में, अमावास्या में, चौथि, नवमी,