मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)
Mukundamala Stotram of Kulasekhara Alwar with Commentary
कुलशेखर आलवार (राजा कुलशेखर) द्वारा
पृष्ठ 150, कुल 167 में से
संदर्भ में पढ़ेंअनु भगवद्गीत 4अध्या. 13श्लोकमुवले अतडु कर्तयै कर्तयुनु कादु. प्रश्न : श्रीनाथ, नारायण, वासुदेव नाममुलु नित्युलकु, मुक्तुलकु तगिनवि. मनकु तगिननाममु उण्डवलदा? कुलशेखसुलु : श्रीकृष्णु डतडु. अनगा रुक्मिणी सहितुडु. प्रश्न : नरसिंह, रामा अनि यनक कृष्णुने येल चेप्पवल युनु? कुल : नरसिंहडुडनिन भयमुग नुण्डुनु. रामुडनिन नतनि योद्द अबद्धमुलाडरादु. एकपत्नीव्रतुडतडु. अतनि योद्द जाग्रत्तग मेलगवलयुनु. कृष्णु डन्ननो अनुकूलुडु. अपराधमुलनु सहिञ्चुनु. भक्तप्रियु डतडु. अपिचे त्सुदुराचारो भजते मा मनन्यभाक्, साधुरेव समन्तव्यः सम्य ग्व्यवसितो हि सः अनु भगवद्गीत 9अध्या. 30श्लोकमुट्लु अतडु कुलशीलादुलु पाटिं पडु. ये तु धर्म्यामृत मिदं यथोक्तं पर्युपासते, श्रद्दधाना मत्परमा भक्तास्तेऽतीव मे प्रियाः. अनु भगवद्गीत 12अध्या. 20श्लोकमुट्लु भक्तिगलवारे अतनिकी प्रियुलु; भक्तिगल वारिकि प्रियुडु लेक भक्तिगलवारि यन्दु प्रियमु गलवाडु. भगवद्गीत 12अध्यायमुलो "यो मद्भक्तस्स मेप्रियः" अन्नवाडु. अनपेक्ष श्शुचिर्दक्ष उदासीनो गतव्यथः, सर्वारम्भपरित्यागी यो मद्भक्त स्स मेप्रियः. -- गीत. 12.16.